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रात 12 बजे आती है ट्रेन, गफलत में एक दिन पहले का टिकट ले लेते हैं यात्री

रतलाम मंडल रेल सलाहकार समिति की बैठक में उज्जैन के सदस्यों ने सोमनाथ एक्सप्रेस का मुद्दा उठाया

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उज्जैन। उज्जैन स्टेशन से जबलपुर-सोमनाथ एक्सप्रेस (11464/11466) रात 12 बजे उज्जैन से रवाना होती है। इस कारण यात्री तारीख बदलने की उलझन में अक्सर पुराने दिन का टिकट लेकर स्टेशन पहुंच जाते हैं और बिना टिकट श्रेणी में आ जाते हैं। ऐसी ही स्थिति रिजर्वेशन टिकटों में ही होती है। यह समस्या वरिष्ठ रेल अधिकारियों के समक्ष उज्जैन के रेल सलाहकार समिति ने उठाई तो वे भी चकित रह गए और समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया। समिति ने मांग की कि ट्रेन का समय रात 12 बजे की जगह थोड़ा आगे-पीछे किया जाए।

रतलाम मंडल रेल कार्यालय में गुरुवार को मंडल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति (डीआरयूसीसी) की बैठक मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अश्विन कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में उज्जैन सहित इंदौर, देवास, मंदसौर और नीमच के सदस्यों ने रेल सुविधाओं और यात्रियों की समस्याओं पर चर्चा की। बैठक के दौरान डीआरएम अश्विन कुमार ने समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि वे रेलवन ऐप का अधिक से अधिक प्रचार करें। यह ऐप रेल उपभोक्ताओं के लिए बेहद उपयोगी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर रेल प्रशासन सकारात्मक रूप से कार्य करेगा। बैठक में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हीना केवलरमानी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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तरुण व्यास बने जोनल सदस्य

बैठक में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से इंदौर के तरुण व्यास को क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति (जेडआरयूसीसी) पश्चिम रेलवे मुंबई के प्रतिनिधि के रूप में चुना गया। बैठक में विशाल गिडवानी, राजदीप परवाल, शैलेश गर्ग, तरुण व्यास, अनिल उपाध्याय, गोपाल शर्मा, ब्रजेश खंडेलवाल, कांतिलाल छाजेड़, प्रदीप पुरोहित, गोपाल कृष्ण सोडाणी, दर्शन सिंह गांधी, हिमांशु दुबे, अजीत सिंह नारंग, वरुण अग्रवाल और प्रतीक संचेती मौजूद थे।

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कर्मचारियों को सीपीआर ट्रेनिंग की उठी मांग

उज्जैन के सदस्य राजेश शर्मा और एम.सी. जाखड़ ने उज्जैन के यात्रियों के हित में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।

महाकाल मंदिर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्टेशन पर आधुनिक क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने की मांग की गई।

युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों को देखते हुए सुझाव दिया गया कि रेलवे के फ्रंट लाइन स्टाफ को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की ट्रेनिंग दी जाए ताकि चलती ट्रेन में किसी की जान बचाई जा सके।

 प्लेटफॉर्म पर कुलियों की संख्या बढ़ाने और जयपुर-मैसूर, पुरी-जोधपुर सहित दक्षिण भारत की ट्रेनों में उज्जैन मुख्यालय पर वीआईपी कोटा आवंटित करने का आग्रह किया गया।

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