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तराना में पथराव-आगजनी के बाद शांति…

25 हजार की आबादी वाला तराना दो दिन से सुलग रहा, बढ़ाया फोर्स

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अक्षरविश्व न्यूज तराना/उज्जैन। उज्जैन के तराना में शुक्रवार रात करीब 9 बजे फिर से पथराव और फिर से आगजनी हो गई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को इमली बाड़ा से खदेड़ दिया। इसी दौरान उपद्रवियों ने एक टॉल (आरामशीन) में भी आग लगा दी। तराना में गुरुवार रात से विवाद शुरू हुआ था जो शुक्रवार रात तक जारी रहा। फिलहाल कस्बे में शांति बनी हुई है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने डाला डेरा- घटना के बाद से वरिष्ठ अधिकारियों ने डेरा डाल रखा है। डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रौशन कुमारसिंह और एसपी प्रदीप शर्मा तराना में डटे हुए हैं। एडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है।

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दो लोगों के आपसी विवाद से कस्बे में अशांति, रह-रहकर भड़क रहा तनाव, बीती रात टाल में लगाई आग, जमकर पत्थरबाजी

उज्जैन। जिला मुख्यालय से करीब ४5 किलोमीटर दूर स्थित २५ हजार की आबादी वाला तहसील मुख्यालय तराना पिछले दो दिन से सुलग रहा है। यहां की सुबह तो सामान्य होती है लेकिन शाम होते-होते कुछ न कुछ ऐसी अप्रिय घटना हो जाती है कि तनाव के हालात बन जाते है। गुरुवार शाम एक हिंदूवादी नेता पर हमले के बाद बसों में तोडफ़ोड़ से शुरू हुआ तनाव शुक्रवार की रात तक जारी रहा। धरना, बस फूंकने और टाल (आरा मशीन) में आगजनी की घटना के साथ ही तीन इलाकों में पथराव भी हुआ। प्रशासन के बड़े अधिकारियों ने घटना के 18 घंटे बाद शहर में दस्तक दी। दो दिन से जारी तनाव के बाद शनिवार की सुबह बड़ी संख्या में फोर्स कस्बे में तैनात किया गया। कहने को शहर में तीन दिन से धारा 163 (पुरानी 144) लागू है, लेकिन रात के समय उपद्रवी इसका उल्लंघन लगातार कर रहे हैं। वह झुंड में बाहर आ रहे हैं और तोडफ़ोड़ कर रहे हैं। अक्षरविश्व की टीम ने तराना का जायजा लिया।

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10 दिन पहले बनकर आई थी नई बस

महेश मार्केट इलाके में शुक्रवार की दोपहर दो अज्ञात लोगों ने गली में खड़ी आनंद ट्रेवल्स की एक बस में आग लगा दी थी। इस बस का अब केवल ढांचा बचा है। इसी ट्रेवल्स की 6 और बसों में भी गुरुवार रात तोडफ़ोड़ की गई थी। ट्रेवल्स संचालक आरिफ शाह है जो तराना के हैं। तोडफ़ोड़ के वक्त ड्राइवर ने एक नई बस को स्टैंड से हटाकर महेश मार्केट की गली में खड़ा कर दिया था। 10 दिन पहले ही यह बस बनकर आई थी। गुरुवार सुबह पहले इसके कांच तोड़े गए, शुक्रवार दोपहर के वक्त मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने पेट्रोल डालकर बस में आग लगा दी।

बाइक सवार ही टाल पर आग लगाने पहुंचे
बाइक सवार दो अज्ञात लोगों ने बगोदा रोड स्थित एक लकड़ी की टाल मे भी शुक्रवार रात करीब 8 बजे आग लगा दी। मुंह पर कपड़ा बांधे इन युवकों ने पेट्रोल का उपयोग किया। करीब आधे घंटे में आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के लिए न केवल अल्पसंख्यक बल्कि बहुसंख्यक वर्ग के ऐसे भी कई लोग पहुंचे जिनके घर टाल के आसपास ही हैं।

ढाबे पर भी लगाई आग
तराना नगर के बाहरी हिस्से में तोबरीखेड़ा रोड पर जायसवाल ढाबा है, यहां भी देर रात कुछ असामाजिक तत्वों ने आग लगाने की कोशिश की। गनीमत रही कि आग ज्यादा नहीं फैली, समय रहते इस पर काबू पा लिया गया।

आपसी विवाद, सुलग रहा पूरा शहर
तराना में गुरुवार रात विहिप नेता साहिल ठाकुर और सलमान के बीच विवाद हुआ। मारपीट हुई और तब से शहर सुलग रहा है। 25 हजार की आबादी वाले कस्बे में 400 से ज्यादा पुलिसबल तैनात है।

तराना के शनिवार को भारी पुलिस बल तैनात किया गया। वरिष्ठ अधिकारी भी यहां चौकस निगाह रखे हुए हैं। चित्र पुराना पेट्रोल पंप चौराहा का।

पेट्रोल पंप चालू, आवाजाही पर मनाही नहीं

दो दिन के लगातार फसाद के बाद शनिवार की सुबह तराना में बहुत हद तक शांति रही। बाजार नहीं खुले थे लेकिन लोगों को कहीं भी आवाजाही की मनाही नहीं थी। घरों में सामान्य तौर पर कामकाज हुए, लोग जरूरी सामान की खरीदी के लिए निकले। पेट्रोल पंप भी चालू रहे। पुलिसकर्मी भी केवल उन्हीं लोगों को टोकते रहे जो समूह बनाकर निकल रहे थे।

रातभर पुलिसकर्मियों की मदद करते रहे कुछ परिवार

कड़ाके की सर्दी के बीच चौराहों पर सतत चेकिंग और हर आते-जाते शख्स की निगरानी। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी यहां अलाव के सहारे ही चल रही है। तराना के नाचनबोर चौराहे पर पहुंचते ही कुछ पुलिसकर्मी अलाव तापते दिखे। पिछले दो दिनों से चौराहे पर ही इनकी ड्यूटी है। यहीं भोजन पहुंच रहा है। चाय- नाश्ते का प्रबंध भी आसपास रहने वाले लोग ही कर रहे हैं। कोई इनके लिए चाय लाया तो किसी ने अलाव की लकडिय़ों का इंतजाम किया।

सुनसान सड़क

चिंतित अफसर

चप्पे-चप्पे पर सख्ती

चार एफआईआर दर्ज, 9 गिरफ्तार, 25 हिरासत में
शनिवार सुबह करीब 10 बजे का वक्त है। कलेक्टर रोशनकुमार ङ्क्षसह और एसपी प्रदीप शर्मा तराना पुलिस थाने के सामने चाय की दुकान पर पहुंचे, समोसे खाए और मीडियाकर्मियों से बात की। दावा किया तराना में सबकुछ ठीक है। अफवाहों पर ध्यान न दें, स्थिति काबू में है। हमारी सतत निगरानी बनी हुई है। यहीं पुलिसकर्मी कतार में खड़े थे। इन्हें ब्रीफ किया। एसपी शर्मा ने बताया कि अभी तक चार एफआईआर दर्ज की गई है। पहली एफआईआर सोहेल ठाकुर पर हमले की है। इस मामले में 6  आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उपद्रव एवं आगजनी के मामले में 25 अन्य को हिरासत में लिया है।

दुबई से आ रहे रिश्तेदारों के फोन

नाचनबोर चौराहे के आरिफुद्दीन काजी बताते हैं कि तराना में छुटपुट घटनाओं को छोड़ दे तो कभी सांप्रदायिक तनाव की स्थिति नहीं रही। यहां अल्पसंख्यक वर्ग के तीन बड़े क्षेत्र है। मदारबड़, नयापुरा और खाकरीपुरा.. पूरे नगर में करीब २० फीसदी आबादी अल्पसंख्यक वर्ग की है। आरिफुद्दीन बताते हैं कि उनके पास दुबई से रिश्तेदारों के लगातार फोन आ रहे हैं। यानि विदेश तक भी घटना की जानकारी है। उन्होंने बताया कि यहां सभी वर्गो के बीच परस्पर प्रेम है। केवल एक निजी विवाद को कुछ लोगों ने सांप्रदायिक रूप दे दिया, आम लोगों का इस संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं है।

70 गांवों के लोगों को नहीं मिलीं बसें

तराना से हर रोज करीब 20 बसें इसके आसपास के कस्बों सहित उज्जैन के 80 से ज्यादा फेरे लगाती हैं। उज्जैन से तराना के बीच कानीपुरा रोड और लक्ष्मीपुरा रोड-कायथा रोड़ की ओर करीब 70 गांव के हजारों रहवासी ऐसे है जिन्हें दो दिनों से बसें नहीं मिल रही हैं। वजह है तराना से सभी बसों का संचालन बंद है। इस वजह से इन गांवो के लोग निजी वाहनों का उपयोग कर रहे है। खजूरिया परमार के लोकेंद्र कुमावत ने बताया कि वे बिजली कंपनी उज्जैन में नौकरी करते है, हर रोज बस से आना-जाना करते हैं। दो दिन से मोटरसाइकिल से आना-जाना करना पड़ रहा है।

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