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25 दिन पीछा करने के बाद हाथ लगी थी तमिलनाडु की ठक-ठक गैंग

श्रद्धालु बनकर होटलों में रुकते और छर्रे और गुलेल से कार के कांच फोड़ कर वारदात करते

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्रद्धालुओं और व्यापारियों को निशाना बनाने वाली तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली की कुख्यात ठक-ठक गैंग के बारे में नई-नई जानकारी पुलिस पूछताछ में सामने आ रही है। नानाखेड़ा पुलिस ने 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सभी बदमाशों को कोर्ट ने नौ दिन का पुलिस रिमांड दिया है।

नानाखेड़ा टीआई नरेंद्रकुमार यादव के अनुसार, कुशलपुरा निवासी प्रॉपर्टी ब्रोकर आकाश लश्करी ने 30 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी कार कॉसमॉस मॉल की पार्किंग में खड़ी की थी, जिसकी पिछली सीट पर रखे दो बैगों में 20 लाख रुपए और जरूरी दस्तावेज थे। अज्ञात बदमाशों ने कार का कांच फोड़कर बैग पार कर दिए थे।

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सीसीटीवी फुटेज, होटल की चोरी से खुले राज
पुलिस ने जांच के दौरान मॉल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें 8 संदिग्ध नजर आए। सुराग मिलते ही पुलिस हरसिद्धि की पाल स्थित होटल मंगलम पहुँची, जहाँ ये बदमाश ठहरे थे। हैरानी की बात यह रही कि शातिर बदमाश होटल से अपने खुद के आधार कार्ड की फोटोकॉपी भी ले गए थे ताकि पहचान छिपाई जा सके।

पकड़े गए आरोपियों के नाम
पुलिस ने शांति पैलेस तिराहे के पास से घेराबंदी कर आदिधन (60), उसके पुत्र कारवनन (31), शशि कुमार (45), कार्तिकय (35), नित्यानन्तम (27), किरण कुमार (27) और हरीश (23) को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपी सनगमुन की तलाश जारी है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से मुख्य आरोपी आदिधन, कारवनन, शशि और कार्तिकय को 4 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पूछताछ में देशभर के कई अन्य शहरों में भी ऐसी वारदातों के खुलने की संभावना है।

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रुपए गांव भेजते, मोबाइल करते थे कूरियर
पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि चोरी के तुरंत बाद वे रुपयों को अपने एक साथी के हाथ तमिलनाडु स्थित गांव भेज देते थे। यदि बैग में मोबाइल या लैपटॉप मिलता, तो उसे गांव के किसी परिचित के नाम पर कूरियर कर देते थे ताकि रास्ते में पकड़े जाने पर कोई सबूत न मिले। गांव पहुँचकर कूरियर प्राप्त करते और फिर लूट की रकम का बंदरबांट होता था।

गूगल नहीं, गुलेल का इस्तेमाल
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। यह गैंग वारदात से पहले पार्किंग में खड़ी महंगी कारों की रेकी करती थी। बदमाश कागज में लोहे का छर्रा लपेटकर गुलेल से कांच पर मारते थे, जिससे कांच बिना आवाज किए चटक जाता था। जब एक बदमाश कांच खोलता, तब उसके 2-3 साथी आसपास के लोगों को रास्ता पूछने या अन्य बहाने से बातों में उलझाए रखते थे।

इन थाना क्षेत्रों में की थी वारदात

नानाखेड़ा- कॉसमॉस मॉल पार्किंग से 20 लाख रुपए की चोरी।
माधवनगर- सेठी बिल्डिंग के पास होटल क्रश के बाहर खड़ी फिरोजाबाद के संजीव जैन की कार से बेग चोरी।
महाकाल- हरसिद्धि पाल पार्किंग में खड़ी पुणे के दीपक पांडे की कार का कांच फोड़कर सामान उड़ाया।

ऐसे बचें ठक-ठक गैंग से
कार की सीट पर कीमती बैग या लैपटॉप न रखें, डिक्की में लॉक करें। पार्किंग में यदि कोई अनजान व्यक्ति आपसे पता पूछे, तो कार का शीशा पूरी तरह नीचे न करें। सुनसान जगह पर कार खड़ी करने से बचें।

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