सांदीपनि स्कूल के बस ऑपरेटरों को भुगतान नहीं, सर्विस बंद की धमकी

उज्जैन जिले के 8 सीएम राइज स्कूल में कंपनी 75 बसों का संचालन करती है, समस्या सिर्फ महाराजवाड़ा क्रमांक 3 की पांच बसों के भुगतान में
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन. सांदीपनि सीएम राइज स्कूल महारावाड़ा क्रमांक 3 के बस ऑपरेटरों को तीन महीने से लीजरेंट का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में उन्होंने सेवा रोकने की धमकी दी है। अगर भुगतान नहीं हुआ तो एक दो दिन में बस सर्विस बंद हो सकती है।
दरअसल सरकार ने सीएम राइज स्कूल में पढऩे वालेे विद्यार्थियों के लिए बस सुविधा रखी है। इसका संचालन पूरे प्रदेश में भोपाल की समाया स्कूल बस ट्रांसपोर्टेशन कंपनी करती है। कंपनी ने हर जिले में स्थानीय ऑपरेटरों के साथ अनुबंध किया है। उज्जैन जिले के आठ सीएम राइज स्कूल में कंपनी 75 बसों का संचालन करती है। इनमें उज्जैन के अन्य सीएम राइज भी है लेकिन समस्या सिर्फ महाराजवाड़ा क्रमांक 3 के पांच ऑपरेटरों को आ रही है।
इनको अक्टूबर महीने से लीज रेंट का भुगतान नहीं हुआ है। कुछ ऐसी ही स्थिति ड्राइवर, कंडक्टर की सैलरी और डीजल भुगतान की भी है। यह भी विलंब से मिल रहा है। कंपनी से जुड़े पांच ऑपरेटर दीपेंद्रसिंंह झाला, मिथिलेश जाट, ऋतु जाट, स्वाति जाट और अविनाश गुप्ता ने भुगतान नहीं होने की स्थिति में समाया कंपनी को बस सेवा बंद करने की चेतावनी दी है। इन्होंने कंपनी को लेटर भी दिया है। कंपनी के साथ ही ऑपरेटरों ने कलेक्टर ऑफिस, सांदीपनि स्कूल महाराजवाड़ा क्रंमाक तीन, जिला शिक्षा कार्यालय को भी लेटर दिया है।
क्या है भुगतान की व्यवस्था
सीएम राइज स्कूल में लगी बसों का भुगतान चार मद में होता है। यह मद है लीज रेंट, ड्राइवर सैलरी, कंडक्टर सैलरी और डीजल भुगतान। ड्राइवर-कंडक्टर और डीजल भुगतान एक से दो महीने विलंब से हो रहा है। ऑपरेटर को सीट अनुसार 49 हजार से 55 हजार रुपए प्रतिमाह लीजरेंट के लिए दिए जाते हैं। अक्टूबर महीने से लीजरेंट नहीं दिया गया है।
समाया कंपनी हर महीने सांदीपनि सीएम राइज स्कूल के प्रिंसिपल के समक्ष बिल प्रस्तुत करती है। वह इसे ओके करते हैं। यह बिल डीईओ ऑफिस जाता है। वहां से ट्रेजरी को भेजा जाता है। ट्रेजरी से भुगतान होता है। ]
ताजा मामले में क्या हुआ
समाया कंपनी के बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर आनंद राठौड़ का कहना है प्रिंसिपल ने दिसंबर महीने में उनके बिल पर साइन किए। जनवरी में यह ट्रेजरी तक पहुंचे और अब तक भुगतान नहीं हुआ।
प्रिंसिपल शिवसिंह अहिरवार का कहना है उनके पास नवंबर तक के बिल आए थे। इन पर साइन करके दे दिया गया। दिसंबर का बिल अभी तक ऑपरेटर ने पेश नहीं किया है।
दिसबंर का बिल पेश नहीं करने के संबंध में आनंद राठौड़ ने बताया कि महाराजवाड़ा क्रमांक 3 में आठ बसें लगी हैं। समस्या पांच बस के पेमेंट में आ रही है। चूंकि इनके बिल पेडिंग चल रहे हैं, इसलिए दिसंबर का बिल पेश नहीं किया है।
बहरहाल स्कूल प्रबंधन और ऑपरेटर कंपनी के बीच चल रही रस्साकशी में अनुबंधित ऑपरेटर परेशान हो रहे हैं। अगर वे बस सेवा बंद करते हैं तो परेशानी विद्यार्थियों को होगी।









