छोटे से लालच में न बन जाएं अपराधी सायबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। गरीब बस्तियों के मासूमों को कमीशन का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाने और फिर उनका उपयोग सायबर धोखाधड़ी व अवैध ट्रेडिंग में करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। चिमनगंज थाना पुलिस ने इस गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है, जिसे न्यायालय ने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। मंगलनगर निवासी विशाल चौहान की शिकायत पर चिमनगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

आरोपी वाजिद (निवासी चंद्रवतीगंज, इंदौर) ने खुद को बैंकों का एजेंट बताकर विशाल को खाते खुलवाने और लेनदेन पर मोटा कमीशन देने का लालच दिया था। जांच में सामने आया कि यह गिरोह न केवल लोगों के आधार और पैन कार्ड लेकर खाते खुलवाता था, बल्कि उन्हीं के दस्तावेजों पर मोबाइल सिम भी एक्टिवेट करा लेता था। इतना ही नहीं, खातों का एटीएम कार्ड भी गिरोह अपने पास ही रखता था ताकि ठगी की राशि आसानी से निकाली जा सके। बदले में खाताधारक को महज 4 से 5 हजार रुपये का लालच दिया जाता था।
40 लोगों का संगठित गिरोह, शोएब है मुख्य सरगना: पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में वाजिद ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि इस धंधे में 35 से 40 लोगों का एक संगठित गिरोह काम कर रहा है, जिसका मुख्य सरगना शोएब नामक व्यक्ति है। पुलिस अब वाजिद से मिली जानकारी के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। पकड़े गए आरोपी के पास से पुलिस गिरोह के नेटवर्क और अब तक किए गए संदिग्ध लेन-देन का रिकॉर्ड खंगाल रही है। जैसे ही वाजिद की गिरफ्तारी की खबर फैली, पुलिस के पास इसी तरह की 3 से 4 नई शिकायतें पहुंच चुकी हैं। पीडि़तों का कहना है कि गिरोह ने उनके दस्तावेज लेकर खाते तो खुलवा लिए, लेकिन न तो उन्हें कमीशन दिया और न ही उनके कागजात वापस किए।









