ड्राइविंग के दौरान मोबाइल चलाया तो बनेगा चालान

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में निर्णय : स्कूल बसों में सीसीटीवी और जीपीएस अनिवार्य
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वालों के खिलाफ अब जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है। गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय सभागृह में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने दो-टूक निर्देश दिए कि मोबाइल के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार और बसों के प्रवेश पर चर्चा
कलेक्टर ने जिले के ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) को चिन्हांकित कर वहां रंबल स्ट्रिप, केट आई, संकेतक और स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश दिए। बैठक में शहर के यातायात दबाव को कम करने के लिए इंटरसिटी बड़ी बसों के शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
बच्चों की सुरक्षा को लेकर कलेक्टर ने स्कूल संचालकों और आरटीओ को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्कूल वाहनों में सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। आरटीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल वाहनों के फिटनेस का नियमित सत्यापन करें। दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आवारा पशुओं के सींगों पर भी रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे।
19 प्रकरणों में दी 32 लाख की राहत राशि
जिले में दुर्घटना के 19 प्रकरणों के तहत 32 लाख रुपये की राहत राशि स्वीकृत की गई है। वर्ष 2025 की तुलना में 2026 में (1 जनवरी से 15 फरवरी तक) दुर्घटनाओं के मामलों में 43 प्रकरणों की कमी दर्ज की गई है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस और आरटीओ की कार्रवाई के आंकड़े भी साझा किए गए। वर्ष 2025 में हेलमेट न लगाने पर 13,892 और सीट बेल्ट न लगाने पर 3,240 चालान
बनाए गए।









