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शव वाहन के लिए ढाई घंटे परेशान होते रहे परिजन

उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोगों की सुविधा के लिए पिछले महीने प्रदेशभर में शव वाहन भेजे थे। उज्जैन जिला अस्पताल में दो वाहन आए थे। इनका उपयोग मृतकों को अस्पताल से उनके गंतव्य तक पहुंचाना है लेकिन स्थानीय स्तर पर बरती जा रही लापरवाही के कारण गुरुवार को एक परिवार को शव ले जाने के लिए ढाई घंटे तक परेशान होना पड़ा।

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पटेल नगर निवासी दीपक पिता लक्ष्मीनारायण चौधरी (23) का शव जिला अस्पताल से पटेल नगर तक ले जाना था। दोनों शव वाहन पोस्टमार्टम रूम के बाहर खड़े थे। लेकिन दोनों के ड्राइवर राजेंद्र और नासिर गायब थे। सुबह 7 बजे से परिजन शव ले जाने के लिए ड्राइवर की तलाश करते रहे। अस्पताल के जिम्मेदारों को भी सूचित किया। लेकिन किसी के पास उनका कॉन्टेक्ट नंबर भी नहीं मिला।

लंबे समय इंतजार के बाद करीब 9.35बजे एक ड्राइवर नासिर अस्पताल पहुंचा तब वे शव ले जा सके। 28  वर्षीय दीपक पत्नी को लेने ससुराल गंजबासौदा गया था। जहां मंगलवार को ट्रेन दुर्घटना में दीपक की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार रात को दीपक का शव उज्जैन लाकर पोस्टमार्टम रूम में रखा गया था।

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