MP के पहले रेलवे ट्रेनिंग सेंटर का 90 फीसदी काम पूरा

क्लास रूम में बनेंगे ट्रेन, पटरी और सिग्नल सिस्टम,हाईटेक ट्रेनिंग मिलेगी…

एक नजर में
- काम शुरू हुआ जनवरी 2024
- काम पूरा होगा अप्रैल 2026
- भवन लागत 60 करोड़ रुपए
हॉस्टल में कमरे
- 80 पुरुषों के लिए
- 24 महिलाओं के लिए
उज्जैन। मप्र में रेलवे का पहला ट्रेनिंग सेंटर उज्जैन में तैयार हो रहा है जिसका करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। जल्द ही पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद यहां पश्चिम रेलवे के 6 मंडल के कर्मचारियों को अब उज्जैन में ही आधुनिक संसाधनों के साथ हाईटेक ट्रेनिंग मिलेगी। दरअसल, रेलवे ने आगर रोड क्षेत्र में पौने दो लाख वर्गमीटर में 104 कमरों के दो हॉस्टल के साथ 12 क्लास रूम में भी तैयार किए गए हैं। यह प्रदेश का पहले आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर है।
इसका 95 प्रतिशत से अधिक काम हो चुका है। फर्नीचर बनते ही कर्मचारियों की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। क्लास रूम्स की साइज 36 बाय 10 वर्गमीटर है जिसमें टे्रन से लेकर छोटे आकार की पटरी, स्टेशन और सिग्नल का स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। कर्मचारियों को लाइव प्रक्रिया के माध्यम से रेलवे की बारीकियां सिखाई जाएंगी। इससे बेहतर माहौल बनेगा और कर्मचारियों को आसानी भी होगी।
2024 में शुरू हुआ था काम
रेलवे के इस हाईटेक टे्रनिंग सेंटर का काम जनवरी 2024 में शुरू हुआ था। इस बिल्डिंग की लागत 60 करोड़ रुपए है। उम्मीद जताई जा रही है कि दो साल के बाद इसी माह अप्रैल में यह पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। 104 कमरों के दो हॉस्टल में पुरुषों के लिए 80 और महिलाओं के लिए 24 कमरे होंगे।
कारोबार को भी लगेंगे पंख
आगर रोड पर बनकर तैयार रेलवे ट्रेनिंग सेंटर से पश्चिम रेलवे के सभी 6 मंडलों के सैकड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा। इन्हें उज्जैन से ही तकनीकी, सिग्नल, दूरसंचार, इंजीनियरिंग, लेखा और यातायात की ट्रेनिंग मिल जाएगी। अभी कर्मचारियों को महाराष्ट्र और राजस्थान जाना पड़ता है। इधर, ट्रेनिंग के लिए बड़ी संख्या में आने वाले कर्मचारियों के कारण शहर के कारोबार में भी मुनाफा होगा।









