स्वास्थ्य ढांचे पर फोकस… चार भवन में से 3 का काम शुरू, छत्रीचौक प्रोजेक्ट अटका

नए भवन बनने के बाद सुविधाएं बढ़ेंगी मरीजों को फायदा
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए इंंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। अब शहर के स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी काम शुरू हो गया है। योजना के तहत शहर में4 स्वास्थ्य भवनों का निर्माण होना है जिनमें से तीन पर काम शुरू हो चुका है।
जीवाजीगंज, भैरवगढ़ और माधवनगर क्षेत्र में निर्माण कार्य प्रगति पर है लेकिन छत्रीचौक स्वास्थ्य केंद्र का काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। मामला फिलहाल जमीन विवाद के कारण अटका हुआ है। अभी इन जगहों पर केवल प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं लेकिन नए भवन बनने के बाद यहां बेड बढ़ेंगे, स्टाफ बढ़ेगा और ओपीडी-आईपीडी जैसी सुविधाएं भी बेहतर होंगी और यहां मरीजों को भी फायदा होगा।
माधवनगर- माधवनगर अस्पताल में नए भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है। वर्तमान में यह अस्पताल 120 बेड का है जो नए भवन के बनने के बाद बढ़कर 220 बेड का हो जाएगा। करीब १९ करोड़ रुपए की लागत से बन रहा यह जी प्लस 4 मंजिला भवन खाली पड़ी जमीन पर तैयार किया जा रहा है। इसमें भर्ती बेड के साथ एमआरआई मशीन लगाने की भी योजना है।
छत्रीचौक- छत्रीचौक में प्रस्तावित स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण अभी अटका हुआ है। यहां 10 बेड का आध्ुानिक अस्पताल बनाया जा रहा है जिसमें ओपीडी, आईपीडी और जांच की सुविधाएं भी होंगी। यहां का भवन पुराना है और सीमित सुविधाएं ही हैं। जमीन के विवाद के चलते काम शुरू नहीं हो सका है।
जीवाजीगंज- जीवाजीगंज स्वास्थ्य केंद्र में काम शुरू हो चुका है। यहां चार मंजिला भवन बनाया जा रहा है जिसमें ओपीडी, भर्ती वार्ड और अन्य सुविधाएं रहेंगी। फिलहाल इस क्षेत्र के मरीज राधामोहन गली स्थित संजीवनी क्लीनिक और चरक भजन में जाकर इलाज करवा रहे हैं।
भैरवगढ़- भैरवगढ़ क्षेत्र में पुराने भवन को तोड़कर नए हॉस्पिटल का निर्माण शुरू किया है। यहां करीब 1.75 करोड़ रुपए की लागत से 6 बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है। अभी क्षेत्र के मरीजों के लिए इंदिरानगर स्थित संजीवनी क्लीनिक में अस्थायी व्यवस्था की गई है।
जमीन विवाद के कारण छत्रीचौक
स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इसके संबंध में नगर निगम से बात करना शेष है।
– डॉ. अशोक पटेल, सीएमएचओ









