Gold Import Duty Hike: सोने पर ड्यूटी बढ़ते ही क्यों चढ़ा BSE शेयर? जानिए वजह
सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद BSE के शेयरों में 4% की तेजी देखी गई, जानिए इस फैसले से एक्सचेंज को कैसे फायदा हो सकता है।

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भारत सरकार द्वारा Gold और Silver जैसी Precious Metals पर Import Duty बढ़ाने के फैसले का असर BSE के Shares पर भी साफ नजर आया है। जहां एक तरफ इस निर्णय के बाद Commodity Market में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, वहीं दूसरी तरफ BSE के Shares में भी 4 फीसदी का शानदार उछाल दर्ज किया गया। NSE पर BSE के Shares 4 फीसदी की छलांग लगाकर 4,000 रुपये के Record High पर जा पहुंचे। आज यानी 14 मई को भी इसके Shares में तेजी का सिलसिला जारी रहा। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब Import Duty Gold पर बढ़ाई गई है तो BSE के Shares इतनी तेजी से क्यों भाग रहे हैं? आइए इस सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश करते हैं।
सरकार ने Gold और Silver के आयात की कई श्रेणियों पर Basic Customs Duty को 5% से बढ़ाकर 10% कर दिया है। इसके साथ ही Agriculture Infrastructure and Development Cess यानी AIDC में भी 5% की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसके चलते कुल प्रभावी Import Tax बढ़कर 15% हो गया है। सरकार का यह कदम कीमती धातुओं के आयात पर लगाम लगाने, व्यापार घाटे को कम करने और रुपये को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकार के इस निर्णय के 13 मई से लागू होते ही MCX पर Gold के June Futures Price में 6% की जोरदार तेजी देखने को मिली, जबकि Silver के July Futures Price में 7% की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि यह आशंका भी जताई जा रही थी कि Import Duty में की गई इस बढ़ोतरी से Retail मांग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं आज के कारोबार में Profit Booking के चलते इन कीमतों में कुछ गिरावट भी देखने को मिली।
BSE के Shares में उछाल क्यों आया?
Gold और Silver पर Import Duty में हुई तेज बढ़ोतरी ने भले ही सीधे तौर पर नहीं, लेकिन BSE के Share Price को मजबूत सहारा जरूर दिया। दरअसल Gold की ऊंची कीमतों से आमतौर पर Financial Markets में कारोबार की गतिविधियां तेज हो जाती हैं। जब सरकार Import Duty बढ़ाती है तो घरेलू Gold और Silver की कीमतों में उछाल आता है क्योंकि बाहर से आने वाली Precious Metals महंगी हो जाती हैं। कीमतों में इस तरह के तेज उतार-चढ़ाव अक्सर उन Traders और Investors को आकर्षित करते हैं जो बाजार की तेजी और मंदी से मुनाफा कमाना चाहते हैं। इससे Commodity और Derivative Markets में भागीदारी काफी बढ़ जाती है।
बाजार में अधिक कारोबार होने से आमतौर पर Exchange से जुड़ी कंपनियों को सीधा फायदा पहुंचता है क्योंकि उनकी कमाई Trading Volume और Transaction Charges से सीधे तौर पर जुड़ी होती है। इसीलिए Commodity Market में अधिक उतार-चढ़ाव के दौरान Investors BSE और Multi Commodity Exchange of India जैसी कंपनियों के Shares के प्रति सकारात्मक नजरिया अपनाते हैं। हालांकि Commodity Futures Trading में अपनी मजबूत पकड़ के चलते MCX को इसका अधिक सीधा लाभ मिलता है, लेकिन बाजार में बढ़ती भागीदारी और मजबूत कारोबारी गतिविधियों की वजह से BSE जैसी Capital Market से जुड़ी कंपनियों के Shares को भी अच्छा सहारा मिल सकता है।









