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एक ठेले वाले के विवाद ने तूल पकड़ागैंग प्रभारी सस्पेंड, सेन को नोटिस

देवासगेट पर सांची पॉर्लर कैसे लगा एमआईसी सदस्य को भी पता नहीं

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। पिछले कुछ दिनों से महापौर अपनी टीम के साथ शहर का दौरा कर रहे हैं। जब शहर में निकल रहे हैं तब हालात पता चल रहे हैं कि आखिर हो क्या रहा है। पूरे शहर में अतिक्रमण की बहार है। देवासगेेट और रेलवे स्टेशन पर नए-नए ठेले लग गए हैं और भोजनालय खुल गए हैं। इनकी वजह से क्षेत्र में जाम लगा रहता है। महापौर की टीम इसी इलाके में दौरा कर रही थी। टीम देवासगेट स्थित अन्नपूर्णा मंदिर पर आकर रुक गई। यहां सांची का पार्लर लगा हुआ है। किसकी अनुमति से लगा किसी को पता नहीं। इस पार्लर वाले ने आगे तक शेड बना लिया। यहीं पर फल वाले ठेला लगाकर खड़े होते हैं। उनके फलों से भरे कैरेट यहीं सडक़ पर रखे रहते हैं।

अंतत: नहीं हटा अतिक्रमण

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इतना विवाद हुआ। निगमायुक्त ने कार्रवाई भी की लेकिन अतिक्रमण जस का तस ही रहा। पार्लर का शेड नहीं हटा। एमआईसी सदस्य राठौर से पूछा गया सांची पार्लर के लिए अनुमति किसने दी? उनका कहना था कि कोई अनुमति नहीं दी। पार्लर की स्थापना होती है तो टेंडर जारी होते हैं। पूर्व निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने शहर में तीन दर्जन से ज्यादा पार्लर को अनुमति दी थी। उसके टेंडर निकले थे। इससे नगर निगम को लाखों रुपए की आय हुई थी।

अखंड ने रास्ता खुलवाया था

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दरअसल, मालीपुरा से देवासगेट की तरफ आने वालों के लिए अन्नपूर्णा माता के मंदिर के पीछे रास्ता बंद था। यहां बैरिकेड्स लगे हुए थे। यहीं पर माधव कॉलेज की दीवार से लगी हुई प्याऊ भी है। जो लोग सीधे नहीं आ सकते वे इस रास्ते से आगे आ सकते हैं। पूर्व महापौर रामेश्वर अखंड ने यह रास्ता आम लोगों के खुलवाया था। यहां से ठेेले वाले भी हटाए गए थे। कई महीनों तक यह रास्ता खुला रहा। बाद में यहां न सिर्फ अतिक्रमण हुआ बल्कि सांची पार्लर भी लग गया।

अतिक्रमण को लेकर हुआ विवाद

महापौर की टीम यहां कार्रवाई कर रही थी। अतिक्रमण करने वालों को समझाइश दी जा रही थी। इसी बीच एक चलित ठेले वाले वृद्ध को नगर निगम की टीम ने पकड़ लिया। वह गिड़गिड़ाता हुआ पार्षद डॉ. योगेश्वरी राठौर के पास आया और बोला, मैने अतिक्रमण नहीं किया है। ठेला चलाता हूं। कार्रवाई उनके खिलाफ हो जो अतिक्रण करके बैठे हैं। मेरा ठेला जब्त करना न्यायोचित नहीं है। इस पर राठौर ने गैंग प्रभारी मोनू थनवार से कहा कि ठेले वाले को बख्श दिया जाए।

इसी बात ने तूल पकड़ लिया। सहायक आयुक्त प्रदीप सेन चले गए। उसकेे बाद थनवार भी चले गए। बाद में डॉ. योगेश्वरी राठौर ने निगमायुक्त को लिखित में शिकायत की। आयुक्त ने सेन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया वहीं थनवार को सस्पेंड कर दिया गया। राठौर ने खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्लर संचालक द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए कहा गया, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। एक बुजुर्ग ठेले वाला जो कि स्थायी रूप से खड़ा नहीं रहता उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। जब आपत्ति ली गई तो अभद्र व्यवहार किया गया। बाद में इसकी शिकायत निगमायुक्त को की गई।

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