कार्रवाई: बेगमबाग में होटल अंगारा पर चली पोकलेन, एक प्लाट पर बनी दो बिल्डिंग तोड़ी

विकास प्राधिकरण और नगर निगम ने सुबह की कार्रवाई, भारी पुलिस बल तैनात था
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बेगमबाग रोड पर प्रशासन ने शुक्रवार सुबह फिर मकान तोडऩे की कार्रवाई की। यहां प्लॉट नंबर १९ पर बने दो मकानों को तोडऩे की कार्रवाई हुई है। इनमें होटल अंगारा भी संचालित हो रही थी। यह मकान न्यायालय के स्टे के कारण पूर्व में कार्रवाई के दौरान टूटने से बच गया था।
सुबह पहुंची नगर निगम और विकास प्राधिकरण की टीम ने मकान तोडऩे की कार्रवाई की। प्लॉट नंबर 19 पर दो हिस्से में मकान थे। दोनों ही हिस्से में नीचे दुकानें और ऊपर घर थे। इन्हीं में होटल अंगारा भी थी। पिछली कार्रवाई के दौरान न्यायालय का स्टे होने के कारण यह मकान बच गया था। स्टे समाप्त होते ही शुक्रवार को यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान सडक़ को दोनों ओर से बंद कर दिया गया था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई है। हालांकि कार्रवाई के दौरान कहीं भी विरोध की स्थिति नहीं दिखी।
23 मई और 11 जून को भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
इसके पहले उज्जैन विकास प्राधिकरण नगर निगम व प्रशासनिक अमले के सहयोग से 23 मई और 11 जून को बेगमबाग इलाके के मकान तोडऩे की बड़ी कार्रवाई कर चुका है। २३ मई को यहां दो प्लॉटों पर बने पांच मकान तोड़े गए थे। जबकि १ मई को प्लॉट नंबर 20, 30, 59 और 64 पर बने सात मकान तोड़े गए थे। इन मकानों में भी नीचे दुकानें-होटल संचालित किए जा रहे थे। उस वक्त प्लॉट नंबर 19 पर स्टे था।
कारण : 30 प्लॉट वापस लेना चाहती है यूडीए
बेगमबाग क्षेत्र में यूडीए ने 1985 में 40 बॉय 60 के 30 प्लॉट दिए थे। लगभग सभी मकानों की लीज 2015 या इसके पहले समाप्त हो चुकी है। प्लॉट का स्वरूप नियमों के विपरीत व व्यावसायिक उपयोग के कारण यूडीए इन प्लॉट को वापस लेना चाहता है। दरअसल यह हरिफाटक ब्रिज से महाकाल मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग है। इस कारण प्रशासन इस मार्ग को सिंहस्थ के पहले चौड़ा करना चाहता है। अधिकतर मकानों पर न्यायालय का स्टे है। ऐसे में जिन-जिन मकानों का स्टे समाप्त हो रहा है विकास प्राधिकरण उन्हें तोड़ता जा रहा है।