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बड़ा गणेश के लिए अमेरिका, सिंगापुर हांगकांग सहित देशभर से आई राखियां

भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक मंदिर

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उज्जैन। शहर के बड़ा गणेश को अमेरिका, सिंगापुर, हांगकांग सहित देशभर से बहिनों ने राखी भेजी है। यह राखी रक्षाबंधन के दिन बांधी जाएंगी। देश के कई हिस्सों से भेजी गई राखियां उज्जैन में मंदिर और पं. आनंदशंकर व्यास के घर पहुंच गई हैं। बड़ा गणेश का मंदिर महाकाल मंदिर के समीप स्थित है। यहां शहर की सबसे बड़ी 15 फीट ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमा विराजित है। इस कारण इन्हें ‘बड़े गणेश’ के नाम से जाना जाता है। पंडित व्यास ने बताया कि भक्त भगवान शिव को पिता और देवी पार्वती को माता मानते हैं और इसी मान्यता के तहत कई महिलाएं भगवान गणेश को अपना भाई मानती हैं और उन्हें राखी भेजती हैं। मंदिर पर भी कई महिलाएं राखी बांधने पहुंचती हैं।

मंदिरों की नगरी उज्जैन में भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक मंदिर भी है। यहां पर शुभ-लाभ अपनी बहन संतोषी और पिता श्रीगणेश के साथ विराजित है। रक्षाबंधन पर यहां दर्शन के लिए काफी संख्या में दर्शनार्थी पहुंचते हैं। मंदिर जीवनखेड़ी गांव में है। शांति पैलेस होटल के पीछे नए ब्रिज के पास से मंदिर पहुंच मार्ग है। सामाजिक कल्याण समिति जीवनखेड़ी के संस्थापक डॉ. कैलाशचंद्र नागवंशी का दावा है कि भाई-बहन के प्यार का प्रतीक दुनिया में यह इकलौता मंदिर है। भाई-बहन प्रेम मंदिर की स्थापना युगपुरुष स्वामी परमानंद जी ने की थी। साल 2000 में प्राण प्रतिष्ठा हुई।

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भाइयों के साथ विराजित हैं बहन
डॉ. नागवंशी ने बताया पौराणिक कथा के अनुसार भगवान गणेशजी से दोनों पुत्र शुभ और लाभ रक्षाबंधन के दिन जिद कर बैठे कि उन्हें भी राखी बंधवाने के लिए बहन चाहिए। श्रीगणेश ने कहा कि तुम शोक मत करो। श्रीगणेश ने त्रिशूल से मां संतोषी को प्रगट कर रक्षाबंधन पर शुभ-लाभ को राखी बांधने का कहा। इस तरह माता संतोषी शुभ और लाभ की बहन हुई। इन्हीं भाई-बहन मंदिर यहां तैयार किया गया है।

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