Sunday, September 24, 2023
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खण्डवा के घने जंगलों में खोज निकाले पुरास्थल और अवशेष

तीन शोधार्थी छात्रों ने स्वतंत्र तौर पर किया सराहनीय कार्य

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन। खण्डवा के घने जंगलों में स्थित नर्मदा परिक्रमा के पड़ाव पर उज्जैन के दो शोधार्थी छात्रों ने प्रयागराज के एक अन्य छात्र के मिलकर पुरास्थल खोज निकाला। इतना ही नहीं इस खोज में शोधार्थी बच्चों ने पुरापाषाण व मध्य पुरापाषाण के चॉपर-चॉपिंग, हैंड एक्स, क्लीवर, स्क्रेपर, हैमर स्टोन, फलक, कोर, डिस्क्वैड कोर आदि उपकरण भी खोज निकाले।

विक्रम विश्वविद्यालय के तीन शोधार्थी छात्रों ने स्वतंत्र स्तर पर कार्य करते हुए पवित्र नर्मदा परिक्रमा के पड़ाव स्थल जयंती माता मंदिर जो कि खंडवा जिले के घने जंगलों में स्थित है, वहां पर एक विशाल पुरापाषाणिक पुरास्थल की खोज की है। विक्रम विश्वविद्यालय के शोध छात्र शुभम केवलिया, धु्रव जैन व प्रयाग विश्वविद्यालय के शोध छात्र गौरव गुप्ता के संयुक्त प्रयासों से यह पुरास्थल प्रकाश में आया है। शोध छात्रों ने बताया कि जयंती माता मंदिर के आस-पास के जंगलों को पुरापाषाणिक मानव ने अपने अधिवास के रूप में चुना था। जिसका प्रमाण यहां से प्राप्त विभिन्न पुरापाषाणिक उपकरणों के माध्यम से हो जाता है।

नदियों के आसपास मिले पुरापाषाण अवशेष

यहां स्थानीय नदियों व बरसाती नदियों के आसपास पुरापाषाणिक उपकरण बहुतायत में बिखरे पड़े हैं, जिनमें निम्न पुरापाषाण व मध्य पुरापाषाण के उपकरणों में चॉपर-चॉपिंग, हैंड एक्स, क्लीवर, स्क्रेपर, हैमर स्टोन, फलक, कोर, डिस्क्वैड कोर आदि प्रमुख है। अभी तक यहां से उच्च पुरापाषाण के उपकरण नहीं प्राप्त हुए है लेकिन संभवत: इस काल के उपकरण आगे भविष्य में प्राप्त हो सकते हैं।

शासन के सहयोग से विस्तृत सर्वेक्षण जरूरी

शोधार्थी छात्रों ने बताया गया कि यह एक विशाल पुरापाषाणिक स्थल है तथा यहां विस्तृत सर्वेक्षण कार्य करने की आवश्यकता है। केवलिया का कहना है कि वन्य प्राणियों द्वारा युक्त घना जंगल होने के कारण हमारे द्वारा सीमित सर्वेक्षण ही संभव हो पाया है,किन्तु यदि शासन व किसी अन्य संस्था द्वारा द्वारा सहयोग प्राप्त हो सके तो यह पुरास्थल देश व विश्व के पुरातत्वविदों को आकर्षित करने का सामथ्र्य रखता है। शोध छात्रों ने बिनैकी टोला नरसिंहपुर में भी पुरापाषाणिक चित्रित शैलाश्रयों को प्रकाश में लाने का कार्य किया है।

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