मंदिरों में व्यवस्था बदली, दो दिन गर्भगृह में प्रवेश नहीं

उज्जैन। पुराने साल की विदाई और नए वर्ष के आगमन की बेला में देशभर से लाखों दर्शनार्थी शहर आएंगे। इस दौरान महाकाल मंदिर सहित शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में दर्शनार्थियों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। उसी के मान से मंदिरों में तैयारी कर ली गई है। सभी प्रमुख मंदिरों के गर्भगृह में प्रवेश बंद कर दिया गया है। साथ ही प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था भी बंद रहेगी। दर्शन के लिए एक समान व्यवस्था बनाई गई है।
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श्री महाकालेवर मंदिर
गर्भगृह में प्रवेश बंद है। प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था भी 5 जनवरी तक बंद है। श्रद्धालुओं को चलित भस्मारती दर्शन होंगे। मंदिर में दो दिनों 31 दिसंबर और 1 जनवरी में करीब 5 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना है और उसी के मान से यहां दर्शन व्यवस्था की गई है। दर्शनार्थियों को अपने वाहन पार्किंग में रखकर चारधाम चौराहा पहुंचना होगा। वहां से पैदल शक्तिपथ होते हुए त्रिवेणी द्वार से एंट्री मिलेगी। मानसरोवर द्वार से अंदर पहुंचकर टनल से होते हुए दर्शन करते हुए बाहर निकलेंगे। शीघ्र दर्शन के लिए रुद्रसागर के नए पुल से होकर मानसरोवर पहुंचना होगा।
श्री चिंतामण गणेश
हर वर्ष हजारों श्रद्धालु नववर्ष की शुभ शुरुआत श्री चिंतामण गणेश के दर्शन के साथ करते हैं। इस कारण यहां बाहरी दर्शनार्थियों के अलावा स्थानीय श्रद्धालुओं की भी काफी भीड़ लगती है। पिछले वर्ष १ जनवरी के दिन करीब ४५ हजार से अधिक लोगों ने दर्शन किए थे। प्रबंधक अभिषेक शर्मा के मुताबिक ३१ दिसंबर और १ जनवरी को सुबह ४ बजे से चोला-शृंगार प्रारंभ होगा और ६ बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हो जाएंगे जो रात ९.३० बजे तक चलेंगे। गर्भगृह में प्रवेश और प्रोटोकाल दर्शन बंद रहेंगे। कतार बनाने के लिए बैरिकेड्स से जिगजैग बनाया है। दो दिनों में करीब १ लाख दर्शनार्थियों के पहुंचने की उम्मीद है और उसी मान से तैयारी की है।
कालभैरव मंदिर
श्री कालभैरव मंदिर में भी गर्भगृह में प्रवेश बंद रहेगा। यहां भी प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था 5 जनवरी तक बंद है। सुबह 6 से रात 10 बजे दर्शन होंगे। यहां बैरिकेडिंग के जरिए जो दो जिगजैग बनाए गए हैं जिसमें करीब 25 हजार से अधिक दर्शनार्थी आ सकते हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि महाकाल मंदिर आने वाले दर्शनार्थी में से 60 प्रतिशत श्रद्धालु यहां भी पहुंचते हैं। उसी के हिसाब से यहां दो दिनों में 3 लाख दर्शनार्थी पहुंचने की उम्मीद है।
मंगलनाथ मंदिर
मंगलनाथ मंदिर पर आगामी दो दिनों में करीब ३ लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। प्रबंधक केके पाठक ने बताया गर्भगृह में दर्शन सभी के लिए बंद हैं। शीघ्र दर्शन और प्रोटोकाल दर्शन व्यवस्था दो दिन बंद रहेगी। सिर्फ दिव्यांग और नि:शक्त को सुविधाजनक दर्शन मंदिर समिति द्वारा नि:शुल्क करवाए जा रहे हैं। बैरिकेड्स के जरिए तीन कतार बनाई गई है जिसके जरिए दर्शनार्थी मंदिर में गर्भगृह के सामने से दर्शन कर रहे हैं। दर्शन सुबह 6.30 बजे से रात 10 बजे तक होंगे।
नववर्ष पर चामुंडा माता मंदिर में दिनभर मिलेगा हलवा प्रसाद
1 जनवरी को नए साल पर मां चामुंडा माता मंदिर पर दर्शनार्थियों को दिनभर शुद्ध घी के हलवे का प्रसाद मिलेगा। पं. शरद चौबे, पं. सुनील चौबे, संरक्षक धीरेंद्र नाहटा एवं ओमप्रकाश नाहटा ने बताया चामुंडा माता मंदिर भक्त समिति माता का शृंगार कर 5 क्विंटल मिठाई का भोग प्रात: आरती में लगाएगी। इसके बाद रात १२ बजे तक दर्शनार्थियों को शुद्ध घी से निर्मित हलवा प्रसाद बांटा जाएगा। 2 जनवरी को 56 भोग प्रसादी वितरित होगी। मंदिर को हिमालय पर्वत का रूप देकर सजाया जा रहा है।
5 लाख रुद्राक्ष और 11 हजार डमरुओं से सजेगा मंदिर
नववर्ष 2026 के आगमन पर श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर और श्री महाकाल लोक को एक अभूतपूर्व आध्यात्मिक स्वरूप दिया जाएगा। वडोदरा का डमरू फाउंडेशन इस बार बाबा महाकाल के आंगन को भव्य रूप से सजाने की तैयारी कर रहा है।
फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा मंदिर परिसर और महाकाल लोक की सजावट के लिए 5 लाख रुद्राक्ष और 11 हजार डमरुओं का उपयोग किया जाएगा। यह पूरी सजावट महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के दिशा-निर्देशों और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए की जाएगी। नववर्ष पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए यह आध्यात्मिक सजावट मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी।
सांई मंदिर में महाआरती और छप्पन भोग 1 जनवरी को
नववर्ष के उपलक्ष्य में अलखधाम नगर स्थित सांई मंदिर में 1 जनवरी को सुबह से लेकर शाम तक मंदिर में उत्सव का माहौल रहेगा। सुबह 6 बजे कांकड़ आरती के पश्चात भगवान का दुग्धाभिषेक, विशेष पूजन और आरती। सुबह 10 बजे ज्वलंत शर्मा और अमित शर्मा द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। 11 से 12 बजे पत्रकार एवं समाजसेवियों का विशेष सम्मान समारोह होगा। दोपहर 12 बजे देश की खुशहाली के लिए भारत माता की महाआरती और शाम 6 बजे भगवान सांई बाबा को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा।









