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युवक को ट्रेन से बाहर फेंकने की कोशिश

सीट को लेकर इंटरसिटी एक्सप्रेस में विवाद, जमकर फसाद

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। निजामुद्दीन-इंदौर इंटरसिटी में मीठी नींद में सो रहे यात्री गुरुवार सुबह उस समय एकाएक उठ खड़े हो गए जब जनरल कोच में सवार कुछ युवकों ने एक-दूसरे पर दनादन लात-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। कोच में जूतमपैजार होता देख यात्री भी सहम गए। इस विवाद में दो युवकों को चोट आई है। उज्जैन पहुंचने पर उन्होंने जीआरपी में एक-दूसरे के खिलाफ पहले शिकायत की फिर समझौता कर लिया।

दरअसल, इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच में जिन्हें सीट मिली वह यात्री गहरी नींद में सो रहे थे तो जिन्हें सीट का कुछ हिस्सा नसीब हुआ वह जैसे-तैसे बैठकर ऊंघ रहे थे। अमूमन रोज की तरह नागदा स्टेशन पर पहुंचने पर वहीं का रहने वाला २५ वर्षीय मोहन सिंह, मेडिकल की छात्रा सहित अन्य युवक व युवतियां ट्रेन में सवार हुए। कोच में पहुंचने पर मेडिकल की छात्रा ने वहां सो रहे कृष्णा मेवाड़े निवासी गंगवाल बस स्टैंड इंदौर की सीट पर बैग रख दिया। नींद में खलल पड़ते ही वह जागा और उसने छात्रा के बैग को नीचे फेंक दिया जो मोहन सिंह को लगा।

मोहन और मेडिकल की छात्रा ने इसका विरोध किया तो कृष्णा और उसके साथ आए अन्य युवक मोहन पर टूट पड़े। थोड़ी ही देर में वहां किसी फिल्मी सीन की तरह मारपीट शुरू हो गई। यह देख चैन से सो रहे थे यात्री भी सहम गए। युवकों ने मोहन को उठाकर चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की कोशिश की, यह देख छात्रा उसे बचाने पहुंची तो युवकों ने उसे भी धक्का देकर गिरा दिया और नाखून मारे। ट्रेन के उज्जैन पहुंचते ही अन्य युवक तो भाग निकले लेकिन मोहन सिंह, कृष्णा मेवाड़े और छात्रा जीआरपी थाने पहुंच गए।

मेडिकल की छात्रा बोली- सो रहे युवक ने मारपीट की : नागदा निवासी मेडिकल की छात्रा ने बताया कि वह कॉलेज जाने के लिए उज्जैन आ रही थी। सीट पर बैग रखने की बात पर इंदौर के रहने वाले कृष्णा मेवाड़े नामक युवक ने बैग फेंका और मोहन सिंह के साथ मारपीट कर उसे ट्रेन से बाहर फेंकने की कोशिश की। मैं रोकने पहुंची तो मुझे धक्का दिया और नाखून मारे।

दोनों युवकों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
मैं उज्जैन में जॉब करता हूं। ट्रेन में एक युवक और उसके 10-15 साथी सो रहे थे। इसी दौरान छात्रा ने सो रहे युवक की सीट पर बैग रख दिया तो वह नाराज हो गया और बैग उठाकर मुझे दे मारा। जब मैंने विरोध किया तो युवक और उसके साथियों ने मारपीट करते हुए मुझे ट्रेन से बाहर फेंकने की कोशिश की। मुझे सिर और छाती में चोट आई है। (जैसा मोहन सिंह ने बताया)

मैं कोटा से थोड़ा आगे केला माता के दर्शन कर अपने घर इंदौर लौट रहा था। नागदा पहुंचने पर कुछ युवक ट्रेन में सवार हुए। थका होने के कारण मैं सो रहा था तभी एक युवक और उसके साथियों ने बैठने के लिए मेरे साथ अभद्रता की। उन्हें रोका तो सभी मारपीट करने लगे। मुझे सिर में चोट आई और खून भी निकला है। उज्जैन पहुंचने पर युवक के साथी भाग निकले।
(जैसा कृष्णा मेवाड़े ने बताया)

इनका कहना है
दो पक्ष थाने पर शिकायत लेकर पहुंचे थे लेकिन बाद में उन्होंने समझौता कर लिया और रवाना हो गए।
– बीएस देवड़े, एसआई, जीआरपी

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