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कवि सम्मेलन में हास्य और ओज रस में डूबे श्रोता, तीन काव्य संग्रहों का विमोचन किया

कवि और पूर्व सांसद ओमपाल सिंह निडर को दिया गया नेताजी सुभाषचंद्र बोस सम्मान

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन युवराज जनरल लायब्रेरी के शताब्दी समारोह के तहत शनिवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने शानदार काव्य पाठ कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। प्रकाश टॉकीज की गली स्थित तिवारी धर्मशाला के सभागर में आयोजित कवि सम्मेलन में फिरोजाबाद के ओजस्वी कवि पूर्व सांसद प्रोफेसर ओमपाल सिंह निडर को नेताजी सुभाष चंद्र बोस सम्मान दिया गया। संचालन आशु कवि नरेंद्र सिंह ने किया। अलवर के गीतकार डॉ कमलेश वसंत, झांसी के ओजस्वी कवि डॉ. अभिराम पाठक, नेमिषारण्य के गीतकार जगजीवन मिश्रा, भोपाल की कवियत्री डॉ. संगीता सरल, बहराइच के गीतकार मधुसूदन देशराज और टिमरनी के हास्य कवि मुकेश शांडिल्य ने बगैर चुटकुलों के काव्य पाठ कर काव्य रसिक श्रोताओं को बांधे रखा।

इन कवियों को लायब्रेरी के पुराधाओं की स्मृति में उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कवि शायर सुभाष गौड़ के तीन काव्य संग्रहों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजशेखर शास्त्री मुस्लगांवकर व सारस्वत अतिथि साहित्यकार डॉ. शिव चौरसिया व विशेष अतिथि दो विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ रामराजेश मिश्र थे। डा.ॅ मिश्र व प्रोफेसर अप्रतुल शुक्ल ने काव्य संग्रह की समीक्षा का वाचन किया।

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अध्यक्षता लोकतंत्र सैनानी शेखर जैन ने की। कवि निडर ने पूर्व महापौर स्व. श्यामलाल गौड़ से अपनी मित्रता का संस्मरण सुनाते हुए बताया कि वे आपात काल में बंदी बनाए गए और तत्कालीन सरकार की यातनाएं झेलते रहे। वे ईमानदार प्रशासक और ज्ञानी पुरुष थे। युवराज लायब्रेरी को जीवित रखने में उनका अतुलनीय योगदान रहा। गोल्डन बुक ऑफ रिकार्ड में लायब्रेरी का नाम दर्ज होना और यह सम्मान प्राप्त करना बहुत बड़ी बात है। सुभाष गौड़ के प्रयासों का यह प्रतिफल है जो स्वागत योग्य है। समिति की ओर से दिलीप पोटभरे, कपूरचंद यादव, प्रमोद समेले दिलीप पंवार ने कवियों और अतिथियों का स्वागत किया। यह जानकारी शिवम ठाकुर ने दी।

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