हरसिद्धि मंदिर की सीढिय़ों पर भिखारियों का कब्जा, दुकानों के आगे फिर पसरा अतिक्रमण

सड़कों पर ठेले वालों और ई-रिक्शा फिर काबिज, एक दिन की कार्रवाई के बाद ठंडी पड़ी मुहिम
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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। महाकाल मंदिर क्षेत्र में दीवार गिरने के हादसे के बाद शारदीय नवरात्र के पहले दिन जिस तरह से पुलिस की अगुवाई में हरसिद्धि मंदिर के बाहर अतिक्रमण करने वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई थी, उसी तरह की कार्रवाई की दरकार एक बार फिर महसूस होने लगी है।
नवरात्रि से पहले जो स्थिति चारधाम से लेकर हरसिद्धि मंदिर तक थी, कमोबेश वही हालात फिर से दिखाई देने लगी हैं। मंगलवार को अक्षर विश्व टीम मौके पर पहुंची तो चार दिन की चांदी, फिर अंधेरी रात वाला मुहावरा चरितार्थ होता नजर आया। चारधाम मंदिर से ही ठेले वालों ने सड़कों को दोनों ओर से घेर लिया है, रही सही कसर नीचे सड़क पर दुकान लगाने वालों ने पूरी कर दी है।
इसके बाद बीच में जो गलीनुमा जगह बचती है वहां बेतरतीब खड़े ई-रिक्शा श्रद्धालुओं की मुसीबत बढ़ा रहे हैं। मंदिर के बाहर लगने वाली दुकानों ने फिर सामान बाहर निकाल लिया है क्योंकि उन्हें भी पता है कि यह अंधेर नगरी है। इसके अलावा भिखारी भी श्रद्धालुओं के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं, लेकिन इन्हें रोकने और व्यवस्थाएं सुधारने वाले कोई नहीं है।
दुकानों के बाहर फिर अतिक्रमण
3 अक्टूबर को पुलिस ने मंदिर के बाहर दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा था जिसे समझाइश और सख्ती से हटाया गया था। दिखाने की कार्रवाई के बाद अब फिर हालात वही हो गए हैं। दुकानों के बाहर शेड वापस लगा लिए गए हैं और टेबल रखकर सामान बेचा जा रहा है। चूंकि, दीपावली पर्व नजदीक है, ऐसे में आने वाले दिनों में हालात क्या होंगे, सोचा जा सकता है।
मंदिर के बाहर भिखारियों का कब्जा
श्री महाकाल महालोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोत्तरी हुई है। भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के बाद श्रद्धालु 52 शक्तिपीठों में से एक मां हरसिद्धि के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचते हैं। जैसे-तैसे सड़कों पर पसरे अतिक्रमण को पार कर जब वे मंदिर तक पहुुंचते हैं बाहर उनका सामना भिखारियों से होता है। जो पैसों के लिए उनके पीछे पड़ जाते हैं। कई बार इनके झगड़े के वीडियो वायरल हो चुके हैं।
सड़कों पर पूजन सामग्री और ई-रिक्शा वालों का कब्जा
हरसिद्धि मंदिर के सामने से चारधाम मंदिर तक सड़कों पर पूजन सामग्री और अन्य वस्तुएं बेचने वालों के साथ ई-रिक्शा वालों का कब्जा है जिससे श्रद्धालुओं का सड़कों से निकलना बेहद मुश्किल होता है। पूजन सामग्री वाले कपड़ा बिछाकर या टेबलें रखकर सड़क घेर लेते हैं, ऐसे में दोपहिया वाहन तो छोडि़ए, पैदल चलना भी मुश्किल होता है।
इनका कहना है
समय-समय पर नगर निगम द्वारा कार्रवाई की जाती है। हम नहीं चाहते कि गरीब दुकानदार अपने व्यापार से वंचित हो लेकिन वे व्यवस्थाओं में बाधक ना बनें। आपके माध्यम से हमारा यही कहना है कि दुकानदार निर्धारित सीमा में रहकर व्यापार करें ताकि श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को किसी तरह की कार्रवाई ना करना पड़े। –मुकेश टटवाल, महापौर









