BJP के संसदीय बोर्ड से Shivraj-Nitin Gadkari बाहर,सत्यनारायण जटिया को मिली जगह

15 सदस्यीय चुनाव समिति का भी ऐलान
भाजपा ने अपने सर्वोच्च निर्णय लेने वाले संसदीय बोर्ड में एक बड़ा फेरबदल करते हुए बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को संसदीय बोर्ड से हटा दिया और नए चेहरों को शामिल किया।भाजपा ने अपनी नई संसदीय बोर्ड और चुनाव समिति की घोषणा कर दी है।
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कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, सर्बानंद सोनोवाल, के लक्ष्मण ,इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यनारायण जटिया और बीएल संतोष को जगह मिली है।
संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता वाले बोर्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी होंगे। .
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @JPNadda ने पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड का गठन किया है। जिसके सदस्य निम्न प्रकार रहेंगे :- pic.twitter.com/pmxGE5fJ7E
— BJP (@BJP4India) August 17, 2022
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भाजपा की ओर से नई चुनाव समिति का भी गठन किया गया है। इस समिति में कुल 15 सदस्यों को शामिल किया गया है और पार्टी अध्यक्ष होने के नाते जेपी नड्डा ही इसके मुखिया हैं।
इसके अलावा PM नरेंद्र मोदी, अमित शाह, बीएस येदियुरप्पा, सर्वानंद सोनोवाल, के. लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यनारायण जटिया, भूपेंद्र यादव, देवेंद्र फडणवीस, ओम माथुर, बीएल संतोष और वनथी श्रीनिवास को इसमें शामिल किया गया है।
गडकरी का महत्वपूर्ण समिति से बाहर होना इस कवायद में सबसे बड़ा झटका है। गडकरी, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में से एक, पूर्व भाजपा प्रमुख हैं और अब तक, पार्टी ने पारंपरिक रूप से अपने पूर्व अध्यक्षों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में रखा है।
सत्यनारायण जटिया ने 1977 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़कर मुख्यधारा की राजनीति में अपना रास्ता बनाया और अपनी पहली राजनीतिक जीत हासिल की थी। 1980 से उज्जैन निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुनाव लड़ना शुरू किया था और सात बार सांसद बने। उन्होंने उस दौरान विभिन्न विभाग संभाले। जिसके बाद साल 1998 से 2004 की अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहें। 2014 में उन्हें राज्यसभा के लिए चुना गया था।
सत्यनाराण जटिया भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और औपचारिक संघीय मंत्री भी हैं। उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश से अपनी डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है। उन्होंने आपातकाल अवधि 1972 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और उन्हें एमआईएसए के तहत हिरासत में लिया गया।
हाल ही में सत्यनारायण जटिया चर्चा का विषय बनें थे। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिनों पहले ही एक बच्चे को अपना खास दोस्त बताया था।
जो बच्ची मध्य प्रदेश की निकली और सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण जटिया की पोती है। जटिया अपने बेटे और बहू के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मिलने गए थे।
इस दौरान पीएम मोदी बच्चे को गोद में लेकर दुलार रहे थे। पीएम मोदी ने उस दौरान सत्यनारायण जटिया की पोती के साथ तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की। जिसमें उन्होंने लिखा था कि लिखा कि मेरा स्पेशल दोस्त हमसे मिलने लोकसभा पहुंचा।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @JPNadda ने पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति का गठन किया है। जिसके सदस्य निम्न प्रकार रहेंगे :- pic.twitter.com/jUw5ei8VzE
— BJP (@BJP4India) August 17, 2022