Wednesday, May 18, 2022
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Career tips : कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में नहीं होगी मौकों की कमी

कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में महारत होने का अर्थ है कि आप किसी भी कंपनी में आईटी टीम की एक अहम कड़ी होंगे। इस स्किल की जरूरत और मौके हर दिन बढ़ते जा रहे हैं।

आज के दौर में हमारी दिनचर्या से जुड़े ज्यादातर क्षेत्र तकनीक पर निर्भर होते जा रहे हैं। आर्थिक गतिविधियों के तकनीक से जुडऩे के बाद से टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के जानकारों की जरूरत हर बड़ी कंपनी को पड़ रही है। इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में शोध व अकादमिक क्षेत्र के विस्तार से भी कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के लिए नए क्षितिज बने हैं। साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे क्षेत्रों में भी ये स्किल अहम है, क्योंकि प्रोग्रामिंग के काम का एक बड़ा हिस्सा कोडिंग और डेवलपिंग का होता है।किसी भी प्रोग्रामर को सॉफ्टवेयर बनाना, इसके लिए तकनीकी मदद देना, एप्लीकेशन बनाना, वेबसाइट बनाने जैसे कार्य करने होते हैं। एक कंप्यूटर प्रोग्रामर पर कंप्यूटर कोड की हजारों लाइनों को डिजाइन करने, उन्हें लिखने और टेस्ट करने की जिम्मेदारी होती है।

प्रमुख संस्थान
आईआईएससी, बैंगलुरु
आईआईटी, मुंबई
आईआईटी, खडग़पुर
आईआईटी, चेन्नई
एनआईटी
दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी
एनएसआईटी, दिल्ली
आईआईआईटी, हैदराबाद
जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली

कौन होता है कम्प्यूटर प्रोग्रामर
वह व्यक्ति, जो विभिन्न तरह की कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के माध्यम से कोई सॉफ्टवेयर या एप्लीकेशन बनाता है, कम्प्यूटर प्रोग्रामर या डेवलपर कहलाता है। साधारण भाषा में समझें तो जिस तरह इंसान एक-दूसरे से बात करने के लिए अलग-अलग भाषा का इस्तेमाल करते हैं, उसी तरह कंप्यूटर की भी अलग-अलग भाषाएं होती हैं। इनके आधार पर ही कम्प्यूटर समझता है कि उसे क्या करना है। इन भाषाई निर्देशों को देने के लिए ही हमें प्रोग्रामिंग की जरूरत पड़ती है और यह कार्य करने वाले प्रोगामर कहलाते हैं।

शैक्षिक योग्यता
प्रोग्रामर बनने के लिए दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई साइंस स्ट्रीम से करना आवश्यक है, जिसमें कंप्यूटर विषय जरूर होना चाहिए। उसके बाद आप आप कंप्यूटर साइंस/प्रोग्रामिंग से जुड़े डिग्री या डिप्लोमा कोर्सेज में दाखिला ले सकते हैं। डिप्लोमा के लिए 50 प्रतिशत अंक और 12वीं पास होना अनिवार्य है, जबकि बैचलर डिग्री बीई/बीटेक के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, और गणित में 50 प्रतिशत अंक के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है। संबंधित प्रवेश परीक्षाएं भी देनी होंगी। कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग में 6 महीने के सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर 3 साल तक के डिग्री कोर्स उपलब्ध हैं। प्रोग्रामर बनने के लिए आपको प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखनी जरूरी है, जो कंप्यूटर साइंस के तहत पढ़ाई जाती है। मौजूदा समय में देश में अधिकतर यूनिवर्सिटी कंप्यूटर साइंस का कोर्स करवा रही हैं।

इसमें भी पाएं महारत
यदि आप प्रोग्रामर बनना चाहते हैं, तो आपको कंप्यूटर से सम्बंधित भाषाओं का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है, जैसे सी लैंग्वेज , सी++ , जावा, पाइथन, सी शार्प इत्यादि, क्योंकि बिना कंप्यूटर लैंग्वेज के आप किसी भी सॉफ्टवेयर को डेवलप नहीं कर सकते। ओरैकल सर्टिफिकेशन का भी फायदा मिलता है। कभी कुछ प्रोग्राम इतने जटिल भी होते हैं, जिन्हें लिखने में प्रोग्रामर को सालों लग जाते हैं। ऐसे में क्रिएटिविटी के अलावा कई-कई घंटे लगातार काम करने की क्षमता होना बहुत जरूरी है। फ्लो चार्ट की जानकारी भी प्रोग्रामर को आनी चाहिए।

कहां मिलेंगे अवसर
कंप्यूटर प्रोग्रामर, कंप्यूटर टीचर, फैकल्टी, लेक्चरर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, हार्डवेयर/नेटवर्किंग इंजीनियर, प्रोजेक्ट हेड, कंसल्टेंट, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव, फ्रीलांसर आदि के तौर पर करियर की शुरुआत की जा सकती है। अगर आपका बैकग्राउंड प्रोग्रामिंग से है, तो आपको बड़ी कंपनियों में प्रोजेक्ट मैनेजर्स, एप्लिकेशन डेवलपर्स, सीनियर डॉटानेट डेवलपर्स, विजुअल बेसिक डेवलपर्स, जावा एक्सपर्ट आदि के रूप में रखा नियुक्ति मिल सकती है। अच्छे संस्थान से पढ़ाई करने वाले छात्रों व दक्ष उम्मीदवारों को गूगल, टीसीएस इंफोसिस जैसी बड़ी कंपनियों में भी अच्छे मौके मिल सकते हैं।

सैलरी
कंप्यूटर प्रोग्रामर को शुरुआत में 30-40 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन मिलता है। कार्य और अनुभव के आधार पर बेहतर वेतन वृद्धि होती है। विदेशों में पैकेज बहुत ही आकर्षक हैं।

भविष्य है सुनहरा:

बेशक, इस फील्ड में प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ रही है। लेकिन, अच्छी बात यह है कि नौकरियों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। विदेश में भारतीय कंप्यूटर प्रोग्रामर की मांग भी तेजी से बढ़ी है। कुल मिलाकर कहा जाए तो अभी इस फील्ड में चुनौतियों से ज्यादा मौके हैं। आगामी भविष्य रोबोटिक्स और एआई का कहा जा रहा है। यहां भी प्रोग्रामर बड़ा रोल अदा करेंगे। छोटे-मोटे जॉब तो इस फील्ड में ढेरो हैं ही, लेकिन उच्च मुकाम पाना है तो परफेक्शन, स्किल अपडेट और उच्च शिक्षा पर ध्यान केंद्रित रखना होगा।

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