विक्रमोत्सव में मुख्यमंत्री को मिलेगा विक्रम अलंकरण सम्मान

गुड़ी पड़वा पर सूर्य को अघ्र्य के साथ शुरू होगा नवरत्नों पर केंद्रित होंगे नौ दिवसीय विक्रमोत्सव
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उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य द्वारा प्रतिपादित विक्रम संवत की गौरवशाली परंपरा को सहेजने वाली संस्था नव संवत-नव विचार अपने 29वें वर्ष के आयोजन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को प्रतिष्ठित विक्रम अलंकरण से सम्मानित करेगी। यह निर्णय मकर संक्रांति पर बुधवार शाम सांदीपनि लॉ कॉलेज में शहर के प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों और विशेषज्ञों की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
उज्जैन की गरिमा और विक्रमादित्य की कीर्ति के लिए सम्मान: संस्था के अध्यक्ष योगेश शर्मा चुन्नू एवं सचिव प्रतीक जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव को यह सम्मान उज्जैन की सांस्कृतिक गरिमा को पुनर्जीवित करने और सम्राट विक्रमादित्य के प्रताप व गौरव को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के उनके निरंतर प्रयासों के लिए दिया जा रहा है।

आयोजन की रूपरेखा
शुभारंभ- प्रथम दिवस फव्वारा चौक स्थित महावीर उद्यान से रामघाट तक प्रभात फेरी निकाली जाएगी।
सूर्य को अघ्र्य- शिप्रा तट पर सूर्य को अघ्र्य देकर नव वर्ष का स्वागत होगा।
ध्वज आरोहण- गोपाल मंदिर पर पारंपरिक इंद्र ध्वज के आरोहण के साथ मुख्य समारोह शुरू होगा।
विशेष आकर्षण- प्रतिदिन सम्राट विक्रमादित्य के नवरत्नों पर आधारित व्याख्यान माला और चित्रकला प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।
नवरत्नों पर केंद्रित व्याख्यान ये विद्वान देंगे
बैठक में उन विद्वानों के नाम तय किए गए जो विक्रमादित्य के नवरत्नों पर व्याख्यान देंगे। इनमें वराहमिहिर पर प्रो. नारायण देसाई व प्रो. गोवर्धन दास, धन्वन्तरि पर डॉ. संजीव श्रीवास्तव व डॉ. सलूजा, महाकवि कालिदास पर दिनेश रघुवंशी व अर्जुन सिसोदिया और वेताल पर राजेश बादल जैसे नाम प्रमुखता से शामिल हैं। पूर्व कुलपति प्रो. रामराजेश मिश्रा ने संस्था की 29 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा पर प्रकाश डाला। सुरेंद्र चतुर्वेदी, मनोहर बैरागी, अशोक सारवान, मनीष शर्मा, डॉ. भारत सिंह, डॉ. जाकिर खान आदि मौजूद थे। आभार सचिव प्रतीक जैन ने माना।










