पीएचई में शिकायत की लैंड लाइन ‘डेड’

कंट्रोल रूम पर शिकायत दर्ज करने का रजिस्टर तक नहीं
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। यदि आपके इलाके में नलों से गंदा पानी सप्लाय हो रहा है और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को आप इसकी शिकायत करना चाहते हैं तो भूल से भी पीएचई के कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0734-2535300 पर कॉल नहीं कीजिएगा। यहां कॉलर टोन आपको तो सुनाई देगी लेकिन कोई फोन अटेंड नहीं कर पाएगा। वजह है फोन का खराब रिसिवर। पीएचई की ओर से लोगों की मदद के लिए यह फोन नंबर तो जारी किया है लेकिन कंट्रोल रूम में इसे कबाड़ जैसा एकतरफ पटक रखा है।
इंदौर में गंदे पानी की वजह से हुई मौतों के बाद समूचे प्रदेश में अलर्ट है। जल प्रदाय व्यवस्था से संबंधित हर आला अधिकारी चौकन्ना है लेकिन यह चौकन्नापन कागजों पर, मीटिंग में ज्यादा है, जमीनी हकीकत कुछ और है। पीएचई के उज्जैन कंट्रोल रूम को ही ले लीजिए। यहां आम लोगों की शिकायत दर्ज करने के लिए पीएचई ने एक मोबाइल नंबर और एक लैंड लाइन नंबर तो जारी किए हैं लेकिन शिकायत लिखने के लिए कोई रजिस्टर नहीं है। किस व्यक्ति ने कब फोन किया, फोन करने वाले का नाम, पता, शिकायत के निराकरण के लिए प्रभारी, निराकरण की स्थिति ऐसी कोई जानकारी यहां दर्ज ही नहीं होती है। केवल लोगों के फोन आते हैं और फोन अटेंड करने वाला कर्मचारी उस नंबर की जानकारी संबंधित टंकी प्रभारी को फोन पर ही भेज देता है। हद दर्जे की इस लापरवाही को सतर्कता का नाम दिया गया है।
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सोमवार सुबह 9.30 बजे का वक्त है। पीएचई के चामुंडा माता चौराहा स्थित कंट्रोल रूम का दरवाजा बाहर से बंद है..पहली नजर में देखने पर लगता है कि यहां कोई मौजूद ही नहीं होगा। बाहर खडे एक कर्मचारी से पूछ कर हमने दरवाजा खोला तो भीतर टेबल पर आउटसोर्स कर्मचारी शुभम मालवीय टंकियां भरने की लॉगबुक भर रहे थे। तभी कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 94068-01060 पर एक कॉल आता है। कॉल करने वाले प्रकाश टॉकीज निवासी विजय शर्मा थे। उन्होंने बताया हमारे क्षेत्र में लगभग सारे ही नल टूटे हुए हैं,
नालियों का पानी पाइप लाइन में भर रहा है। शुभम ने फोन अटेंड किया और तत्काल ही इस नंबर की जानकारी टंकी प्रभारी नौधाने को भेज दी। हमने सवाल किया- शिकायत आई है उसे रजिस्टर में दर्ज तो करो। जवाब मिला- आप हमारे प्रभारी से बात कीजिए। प्रभारी प्रहलाद मेहर यहां मौजूद नहीं थे। फोन पर उनसे भी यहीं सवाल किया तो जवाब मिला- शिकायतें लिखी जाती है लेकिन अभी रजिस्टर नहीं है। उसे कल साहब के पास भेजा था, तब से वहीं पड़ा है। हमने फिर सवाल किया- ऐसे फोन कॉल आते रहेंगे और आप शिकायत लिखेंगे तब नहीं तो आपके वरिष्ठ अधिकारियों को कैसे पता चलेगा कि कितनी शिकायतों का निराकरण हुआ है? इस पर प्रभारी कोई जवाब नहीं दे सके।
पीएचई के कंट्रोल रूम में रजिस्टर मौजूद नहीं रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। जितनी भी कमियां हैं उनको लेकर अधिकारियों से बात करेंगे और आम जनता को लाभ मिल सके इसके लिए प्रयास करेंगे।
– प्रकाश शर्मा, एमआईसी सदस्य व प्रभारी पीएचई









