श्री महाकालेश्वर मंदिर में कोर सिक्योरिटी कंपनी ने नौकरी के नाम पर शुरू की वसूली

नकद 6500 लेने के बाद शपथ पत्र पर लिखा रहे कि रुपए नहीं दिए
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में 15 जनवरी से सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली कोर सिक्योरिटी कंपनी ने काम संभालते ही नौकरी के नाम पर वसूली शुरू कर दी है। सिक्योरिटी गार्ड से नकद 6 हजार 500 रुपए लेने के बाद शपथ पत्र भी लिया जा रहा है कि किसी को नौकरी या वस्तु के लिए रुपए का भुगतान नहीं किया है।

कोर सिक्योरिटी कंपनी ने 15 जनवरी से मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा संभाला है। इसके साथ ही नए सिक्योरिटी गार्ड की भर्ती भी की जा रही है। कंपनी इसके लिए प्रत्येक सिक्योरिटी गार्ड से 5000 रुपए दो जोड़ी यूनिफॉर्म और 1500 रुपए ट्रेनिंग सर्टिफिकेट के लिए जा रहे हैं। यह सर्टिफिकेट बिना किसी ट्रेनिंग के इंदौर की कंपनी द्वारा दिया जा रहा है। यह रुपए कोर कंपनी के जिम्मेदारों द्वारा नकद लिए जा रहे हैं। यूपीआई या बैंक अकाउंट के जरिए यह रुपया नहीं लिया जा रहा है। इसके साथ ही कर्मचारी से २०० रुपए के स्टॉम्प पेपर पर शपथ पत्र लिया जा रहा है जिसमें एक लाइन यह भी है कि नौकरी या किसी वस्तु के बदले किसी को रुपए नहीं दिए गए हैं।
रुपए के कारण बन रही विवाद की स्थिति
नौकरी के लिए रुपए देने के मामले में अब विवाद की स्थिति भी बन रही है। जो गार्ड पहले क्रिस्टल के लिए काम कर रहे थे उनसे कोर कंपनी में नौकरी के लिए कुछ लोगों ने रुपए ले लिए। नौकरी नहीं मिलने पर अब वे पुलिस की मदद ले रहे हैं। रविवार रात को महाकाल पुलिस के एक एएसआई ने कोर कंपनी के सुपरवाइजर को शिकायत के कारण मंदिर से उठाया था। उस वक्त मंदिर के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। हालांकि बाद मेें बिना किसी कार्रवाई के छोड़ भी दिया गया।









