जिला विकास सलाहकार समिति बनी और यूडीए में इंतजार

भाजपा में नियुक्तियों से निराशा, जमीन से जुड़े नेता और कार्यकर्ता मायूस
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जिला विकास सलाहकार समिति के गठन के साथ भाजपा में निराशा और नाराजी का माहौल है, लेकिन कोई भी खुलकर अपनी नाराजी नहीं जता रहा। वजह यह कि पार्टी में जमीन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की जगह ऐसे लोगों को समिति में लिया गया है जो प्रॉपर्टी और होटल कारोबार से जुड़े हैं। उज्जैन विकास प्राधिकरण में भी अध्यक्ष और संचालक मंडल की नियुक्तियां न हो पाने से निराशा बढ़ रही।
लंबे समय बाद 20 सदस्यीय जिला विकास समिति का गठन किया गया है, जिसमें उज्जैन शहर से महेश परियानी, मुकेश रांका, अजय रोहरा, आरजी पाठक, नरेश शर्मा, आदित्य नामजोशी, राजेश गर्ग, मंडी व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल और अशोक प्रजापत के नाम शामिल हैं। इसमें भाजपा से जुड़े जमीनी कार्यकर्ताओं को न लेने से पार्टी में आंतरिक आक्रोश पनप रहा है। हालांकि समिति में समन्वय की कोशिश पूरी की गई है लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा के स्वर उठने लगे हैं और संगठन तक ये पहुंच रहे हैं।
आखिर यूडीए को कब मिलेगा राजनीतिक नेतृत्व?
उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) में श्याम बंसल के बाद अब तक नया राजनीतिक नेतृत्व नहीं मिल सका है। इससे भी पार्टी में निराशा के स्वर उठने लगे हैं। प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के कारण यह मामला अधर में पड़ा था, लेकिन हेमंत खंडेलवाल पार्टी की बागडोर संभाल चुके हैं, फिर भी अब तक प्राधिकरण में नए अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो सकी है। इससे अध्यक्ष पद के दावेदार भी मायूस हैं।









