चरक अस्पताल में डॉक्टर के साथ मारपीट

मोबाइल भी तोड़ा, गार्ड और स्टॉफ ने किया बीच-बचाव, पुलिस ने लिए बयान
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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। बच्चे का उपचार कराने आए परिजनों ने चरक अस्पताल के पीआईसीयू में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर अबुबकर गौरी के साथ मारपीट की। मोबाइल भी तोड़ दिया। स्टाफ ने बचाव किया। कोतवाली पुलिस ने डॉक्टर के बयान लिए हैं।
सीसीटीवी कैमरे बंद
चरक अस्पताल के पीआईसीयू में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। वार्ड के बाहर परिसर में कैमरे हैं लेकिन वह बंद हैं। डॉ. गौरी के साथ मरीज के परिजनों द्वारा किए गए विवाद और मारपीट की घटना कैमरे में रिकॉर्ड नहीं होना बताया जा रहा है।
दूसरा पक्ष भी पहुंचा थाने
बेटे डुग्गू का इलाज करवाने चरक अस्पताल पहुंचे परिजन डॉ. गौरी से विवाद के बाद रात करीब 2.30 बजे कोतवाली पहुंचे थे। थाने से मिली जानकारी के अनुसार दोनों व्यक्ति गेट तक तो आए और घटनाक्रम भी बताया लेकिन किसी के खिलाफ ना तो शिकायत की गई और ना ही आवेदन दिया है।
मैंने बयान दर्ज किए, एफआईआर नहीं हुई
चरक अस्पताल से थाने पर देर रात डॉक्टर से मारपीट की सूचना मिली थी। अस्पताल पहुंच कर डॉ. अबुबकर गौरी के बयान दर्ज किए। उन्होंने दो लोगों द्वारा मारपीट करना बताया है जिसमें एक व्यक्ति का नाम मोनू बोरवाल निवासी बागपुरा सामने आया है। डॉ. गौरी के बयान लिए हैं, उन्होंने सिविल सर्जन से चर्चा के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही है। – सतीश वासनिक, प्र.आर. कोतवाली
जांच कर रहे हैं, फिर निर्णय लेंगे
पीआईसीयू में ड्यूटी कर रहे डॉ. गौरी के साथ मारपीट की जानकारी मिली है। मामले में डॉ. गौरी से उनका पक्ष जान रहे हैं। जांच के बाद संबंधित के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई करना है, उसका निर्णय लिया जाएगा। -डॉ. अजय दिवाकर, सिविल सर्जन
अक्षरविश्व के साथ घटना की कहानी, डॉक्टर की जुबानी
रात करीब 1 से 1.30 बजे के बीच एक महिला डुग्गू नामक बच्चे को उल्टियां होने पर उपचार कराने पीआईसीयू में आई थी। उसके साथ दो लोग भी थे। परिजनों के बताए अनुसार बच्चे का चैकअप किया, दवाइयां लिखीं। तीनों लोग लौट गए। उन्होंने फार्मेसी से दवाएं खरीदी जिनमें एक दवा नहीं मिली। तीनों वापस पीआईसीयू में आए।
महिला कह रही थी कि आपने कैसी दवा लिखी जो मेडिकल पर नहीं मिल रही है। इसी बीच महिला के साथ आए दोनों व्यक्तियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। दोनों नशे में थे। उन्हें गाली गलौज करने से रोका तो हाथापाई करने लगे। टेबल पर रखा मोबाइल उठाकर जमीन पर पटक दिया।
दोनों व्यक्ति कह रहे थे कि तुम मुझे जानते नहीं, अभी बताते हैं हम कौन हैं। उन्होंने अपने मोबाइल से किसी को कॉल भी किया था। मारपीट और हंगामे के बीच अस्पताल का स्टाफ व सुरक्षाकर्मी आ गए। गार्ड्स ने ही महिला सहित दोनों लोगों को वार्ड से बाहर किया। मारपीट में मुझे हाथ व अन्य जगह चोट लगी है,कपड़े भी फट गए थे। घटना की सूचना आरएमओ और सिविल सर्जन को दी है। जैसा रामप्रसाद भार्गव मार्ग निवासी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अबुबकर गौरी ने बताया









