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ई-रिक्शा अनियंत्रित होने से लगी चोट इलाज के दौरान चालक की मौत

पहले निजी अस्पताल ले गए थे परिजन, इंजेक्शन लगाकर घर भेज दिया था रास्ते में बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान तोड़ा दम

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। स्पीड ब्रेकर के कारण ई-रिक्शा अनियंत्रित होने से चालक को पैर में चोट लग गई। परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए जहां से इंजेक्शन लगाने के बाद घर भेज दिया गया लेकिन रास्ते में ही युवक को उल्टी हुई तो परिजन चरक ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

मृतक का नाम राहुल पिता रामसुख कुशवाह (30) निवासी सांदीपनि नगर है। वह ई-रिक्शा चलाता था। उसके साले संतोष कुशवाह ने बताया कि सोमवार दोपहर जीजा राहुल मोहन नगर से सवारी छोडक़र आ रहा था तभी मोहननगर चौराहे पर स्पीड ब्रेकर के कारण ई-रिक्शा का बैलेंस बिगड़ा जिससे वह अनियंत्रित होकर एक ओर झुक गई, उसे नियंत्रित करने में राहुल को पैर में चोट लग गई। उसे परिजन फ्रीगंज स्थित एसएस हॉस्पिटल ले गए जहां इंजेक्शन लगाने के बाद छुट्टी दे दी गई। घर जाने के दौरान रास्ते में राहुल की तबीयत बिगड़ी और उल्टी होने लगी। तत्काल उसे चरक अस्पताल ले जाया जहां इलाज के दौरान शाम 5 बजे उसकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

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नहीं मिला शव वाहन
चरक अस्पताल में दो शव वाहन खराब होने से बॉडी को पीएम रूम तक ले जाने के लिए परिजनों को काफी मशक्कत करना पड़ी। मृतक के साले संतोष कुशवाह ने बताया कि पहले हमें शव वाहन नहीं मिला। इसके बाद ईको गाड़ी से बॉडी को पीएम रूम भेजा गया लेकिन उसका दरवाजा खराब था और वाहन में से पैर बाहर लटक रहे थे। पूरे समय मैं दरवाजे पर डंडा अड़ाकर उसे पकडक़र बैठा रहा। आपको बता दें कि चरक संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल हैं लेकिन यहां कई अव्यवस्थाएं जिससे मरीज और उनके अटैंडरों को परेशान होना पड़ता है।

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