Advertisement

पहले हर 15 मिनट में जाती थीं, अब घंटेभर मेें मिल रहीं बसें

इंदौर की अवैध बसें आरटीओ कार्रवाई के बाद नदारद

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। इंदौर-उज्जैन के बीच सौ से अधिक बसें रविवार से अचानक नदारद हैं। इंदौर जाने के लिए पहले नानाखेड़ा बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए कॉम्पिटिशन में कतार में खड़ी रहने वाली तीन-चार बसें अब नदारद हो चुकी हैं।

 

हालत यह है कि हर घंटे में एक या दो बसें ही अब इंदौर जा रही हैं। यात्रियों को अब यहां बस का इंतजार करना पड़ रहा है। अचानक ऐसे हालत क्यों बने, इसका सीधा जवाब तो कोई नहीं दे रहा लेकिन सूत्र बताते हैं कि पिछले तीन दिनों से उज्जैन और इंदौर मेें चल रही आरटीओ की चैकिंग के कारण अवैध रूप से चल रही बसें रूट से नदारद होकर खड़ी हो गई हैं। अब सिर्फ वे बसें ही चल रही हैं जो आरटीओ के मापदंड पर खरी उतरी हैं। आरटीओ की यह कार्रवाई लगातार जारी है।

Advertisement

एसी बसों की संख्या भी कम हुई

शांति पैलेस चौराहे से चलने वाली एसी बसों की संख्या में भी रविवार को कमी देखी गई। कंपनी ने कई बसों को निरस्त किया, इस कारण यात्रियों को काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ा।

Advertisement

असलियत खुद ही सामने आई
ऐसे में स्पष्ट है कि इंदौर-उज्जैन के बीच प्रभावशाली लोगों की बसें बिना परमिट और फिटनेस के ही धड़ल्ले से दौड़ रही थीं और यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रही थीं। मिले आदेश के बाद आरटीओ ने स्लीपर बसों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की तो इंदौर रोड पर चलने वाली अवैध बसों की असलियत भी खुद ही सामने आ गई।

192 स्लीपर बसें जांची, 18 के रजिस्ट्रेशन सस्पेंड, 22 के परमिट निरस्त
अभियान के तहत रविवार को आरटीओ संतोष मालवीय के नेतृत्व में आरटीओ की टीम ने नियमों की अनदेखी करने वाली 192 स्लीपर बसों की जांच की गई। लापरवाही बरतने और मापदंडों को पूरा नहीं करने वाली 18 बसों के रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिए गए। साथ ही 29 बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट निरस्त किए और 22 बसों के परमिट निलंबन की कार्रवाई की गई। 10 बसों को मौके पर जब्त किया और 8 बस संचालकों पर सख्त रुख अपनाते हुए 2 लाख 80 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया।

Related Articles