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चामला नदी में आठवीं का डूबा छात्र, 22 घंटे बाद मिली लाश

दोस्तों के साथ नहाने गया था, उज्जैन से भी पहुंचे एसडीईआरएफ टीम ने निकाली बॉडी, पीएम के बाद शव परिजन को सौंपा

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बडऩगर में चामला नदी में डूबे 12 वर्षीय बालक को 22 घंटे बाद उज्जैन से पहुंची एसडीईआरएफ टीम ने रविवार दोपहर करीब 3 बजे निकाल लिया। इसके बाद पुलिस ने शव का पीएम करवाकर परिजन को सौंप दिया। मृतक माता-पिता का इकलौता बेटा था और कक्षा आठवीं का छात्र था।

टीआई अशोक कुमार पाटीदार ने बताया कि लोकल झुग्गी बस्ती में रहने वाला 12 वर्षीय आयुष पिता मोगली नाथ अपने दोस्त कुलदीप मोरवाल और एक अन्य के साथ शनिवार शाम 5 बजे शिवघाट पर चामला नदी में नहाने आया था। जहां तीनों नहा रहे थे, इसी दौरान आयुष गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। यह देख दोस्तों ने उसे निकालने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद आसपास के रहवासी पहुंचे और उसे ढूंढा लेकिन वह नहीं मिला। इस दौरान सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। रात होने के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया। इधर, सूचना मिलते ही विधायक जितेंद्रसिंह पंड्या, पूर्व विधायक मुरली मोरवाल, नगर पालिका उपाध्यक्ष अनीता वर्मा, एसडीएम धीरेंद्र पाराशर, एसडीओपी महेंद्रसिंह परमार भी मौके पर पहुंच गए थे।

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उज्जैन से पहुंची टीम ने निकाला
रविवार सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया लेकिन दोपहर तक सफलता नहीं मिली। इसके बाद बडऩगर पुलिस ने उज्जैन एसडीईआरएफ की मदद मांगी जिसके बाद एसडीईआरएफ टीम के ७ सदस्य बडऩगर पहुंचे और खोजबीन शुरू की। दोपहर करीब ३ बजे आयुष का शव मिल गया जिसे पीएम के लिए अस्पताल भेजा गया। पीएम के बाद शव परिजन को सौंप दिया तब उसका अंतिम संस्कार किया गया।

माता-पिता का इकलौता बेटा
टीआई पाटीदार ने बताया कि आयुष अपने पिता मोगली नाथ और उनकी दूसरी पत्नी का इकलौता बेटा था और आठवीं कक्षा का छात्र था। इकलौत चिराग बुझने से परिजन सदमे में हैं और आंखों से उनके आंसू नहीं थम रहे हैं।

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