Advertisement

आज भी कंपकंपा देती है देश के विभाजन की त्रासदी

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भाजपा ने प्रदर्शनी लगाई, त्रासदी झेलने वाले परिवारों ने संस्मरण सुनाए

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भारतीय जनता पार्टी ने प्रदर्शनी लगाई और पीड़ा झेलने वाले परिवारों के संस्मरण सुने। विभाजन देखने वालों का कहना था कि वो त्रासदी आज भी कंपकंपा देती है। भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल के नेतृत्व में, विभाजन की त्रासदी को दर्शाती प्रदर्शनी का आयोजन भाजपा कार्यालय लोकशक्ति भवन में किया गया। यह दिवस 14 अगस्त 1947 को देश के बंटवारे के दौरान विस्थापन और पीड़ा झेलने वाले लाखों लोगों की स्मृति में मनाया जाता है।

जिला मीडिया प्रभारी दिनेश जाटवा ने बताया कि इस अवसर पर प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया। नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और कूटनीति के चलते भारत आज विश्व के शिखर की ओर तेजी से अग्रसर है। मोदी द्वारा 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस घोषित करना बंटवारे की त्रासदी झेलने वालों को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि यह पिछली सदी की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक थी, जिसमें लाखों लोग विस्थापित हुए और अनेक ने अपनी जान गंवाई। इस अवसर पर देश के बंटवारे के दौरान विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवार के सदस्यों सिंधी समाज से चिमनलाल लखानी ने बताया कि उनके पिता को पाकिस्तान में अपना व्यापार छोडक़र नकद राशि लेकर रातों-रात भागना पड़ा।

Advertisement

शरणार्थी शिविरों में कठिन समय बिताना पड़ा और परिवार की महिलाओं को अपहरण व अत्याचार जैसी भयावह घटनाओं का सामना करना पड़ा। सिख समाज से पिलकेंद्र अरोड़ा ने बताया कि विभाजन के समय लगभग 1 लाख महिलाओं और लड़कियों का अपहरण कर प्रताडि़त किया गया। उनके मामा, जो नगद राशि लेने घर लौटे थे, वहीं मार दिए गए और परिवार अकेले भारत पहुंचा। बंगाली समाज से काजल कुमार ने कहा कि ढाका के पास उनका परिवार मकर संक्रांति के दिन लूट का शिकार हुआ, पिता की हत्या हुई और कठिन परिस्थितियों में दिल्ली पहुंचकर शरणार्थी जीवन शुरू किया। कार्यक्रम के पश्चात भाजपा कार्यालय से मौन जुलूस निकाला गया, जो शहीद पार्क पर जाकर समाप्त हुआ। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, निगम सभापति कलावती यादव, इकबालसिंह गांधी, जगदीश अग्रवाल, रूप पमनानी, ओम जैन , अशोक प्रजापति, सत्यनारायण खोईवाल, विशाल राजोरिया, जगदीश पांचाल, आनंदसिंह खींची, अनुसिंह अरोड़ा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आमजन उपस्थित रहे। संचालन आनंदसिंह खींची ने किया और आभार जगदीश पांचाल ने व्यक्त किया।

भारत रक्षा मंच ने छात्राओं को बताई विभाजन विभीषिका

Advertisement

भारत रक्षा मंच ने शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उमावि सराफा में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस मनाया गया। भारत रक्षा मंच प्रदेश संगठन मंत्री शैलेंद्र सेठ ने छात्राओं को बताया कि विभाजन की त्रासदी को कई समाज के द्वारा झेला गया। विभाजन के कई नुकसान भारत देश को यहां की जनता को हुए, कईयों ने प्रताडऩा सही। ऋ षभ जैन ने भारतीय इतिहास की गलतियों को बताया। संयोजक मुकेश त्रिवेदी ने बताया उपाध्यक्ष ऋषभ जैन, सावन श्रीवास्तव, आचार्य राघव कीर्ति, विशालसिंह चौहान, विक्रम शर्मा, सपना मेहता, कपिलसिंह गौड़ आदि मौजूद थे।

20 लाख से ज्यादा लाशों पर बना पाकिस्तान

20 लाख से ज्यादा लाशों पर पाकिस्तान बना है। देश की आज़ादी के लिए हमने भी लड़ाई लड़ी, हमारे भी लोग शहीद हुए पर आजादी की मिठाई के बदले हमारे बच्चों को मिली तलवार की नोक, लगभग एक लाख बहू बेटियां अपहृत हुईं, हमारी बहु-बेटियों पर अत्याचार हुए, ऐसी आजादी किसने मांगी थी, बंगाल और पंजाब की तरह सिंध का भी बंटवारा होता तो हमारी भाषा और हमारी संस्कृति बची रहती। ये बात सिंधु प्रवाह अकादमी द्वारा राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद नई दिल्ली के विशेष सहयोग से आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर वरिष्ठ शिक्षाविद् चिमनदास लखाणी ने कही। अकादमी के अध्यक्ष कुमार किशन, साहित्यकार बल्लु चौईथाणी भोपाल, युवा साहित्यकार राकेश शेवाणी भोपाल ने भी संबोधित किया। संचालन राजकुमार परसवानी ने किया। प्रताप रोहरा, रमेश सामदानी, महेश गंगवानी, डॉ पल्लवी किशन, ईश्वरचंद्र चंचलानी, किशनचंद भाटिया, तीरथदास भागचंदानी, रोहित सामदानी, विजय भागचंदानी, जे.के कृपलानी मौजूद थे।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें