Advertisement

अतिउत्साह में हादसों को आमंत्रण, रैली-स्वागत मंचों पर असुरक्षित हालात

भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के वक्त गुब्बारा फटने से निकला आग का गोला, बाल-बाल बचे श्याम टेलर

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के उज्जैन आगमन पर चल रहे स्वागत समारोह में उस समय अफरा-तफरी हो गई जब दो तालाब क्षेत्र में बने एक स्वागत मंच पर गैस से भरे गुब्बारों में अचानक आग लग गई और वे एक धमाके के साथ आग के गोले में तब्दील हो गए। इस घटना में मंच पर मौजूद कई कार्यकर्ता संतुलन बिगडऩे से नीचे गिर गए। हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ और एक बड़ा हादसा टल गया।

भाजयुमो के प्रदेश कोषाध्यक्ष जयंत गरुड़ द्वारा प्रदेश अध्यक्ष के अभिनंदन के लिए मंच तैयार किया गया था। मंच पर युमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर, भाजपा शहर अध्यक्ष संजय अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी नेता बड़ा पुष्पहार पहनकर जनता का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे, तभी मंच के पास सजावट के लिए लगाए गए गुब्बारों ने आग पकड़ ली।

Advertisement

आखिर क्यों आग का गोला बन गए गुब्बारे?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्वागत के दौरान आतिशबाजी की जा रही थी। आशंका है कि कोई चिंगारी गैस से भरे गुब्बारों तक पहुंच गई, जिससे यह धमाका हुआ। आमतौर पर गुब्बारों में हाइड्रोजन भरी जाती है। यह सस्ती और अत्यंत ज्वलनशील होती है। माधव साइंस कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. दीपेंद्र रघुवंशी के मुताबिक हाइट्रोजन सस्ती होती है। ऐसे में इसका उपयोग ज्यादा किया जाता है। इस मामले में भी हाइट्रोजन का प्रयोग किया होगा। इसे बनाना आसान है। टैंक में कार्बाइट और पानी डालकर तैयार करते है।

Advertisement

विकल्प क्या है?- सुरक्षित विकल्प के रूप में हीलियम गैस का उपयोग किया जाना चाहिए क्योंकि यह अज्वलनशील होती है, लेकिन यह हाइड्रोजन के मुकाबले काफी महंगी आती है।

सार्वजनिक स्वागत मंचों पर यह सावधानी बरतें कार्यकर्ता

यदि स्वागत समारोह या पार्टी में गैस वाले गुब्बारे लगे हैं, तो उनके कम से कम 20-30 फीट के दायरे में पटाखे न जलाएं और न ही कोल्ड फायर (धुआं छोडऩे वाली आतिशबाजी) का प्रयोग करें।

स्वागत मंच पर पहले से ही क्षमता से अधिक लोग होते हैं, ऐसे में ज्वलनशील गुब्बारों को मंच की सजावट से दूर रखना चाहिए।

बंद कमरों या टेंट के नीचे हाइड्रोजन गुब्बारों का उपयोग न करें, क्योंकि वहां आग लगने पर भागने का रास्ता नहीं मिलता।

गुब्बारे वाले से हमेशा पूछें कि उसने कौन सी गैस भरी है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में हीलियम के उपयोग को ही प्राथमिकता दें।

अत्यधिक गर्मी या तेज धूप में भी इन गुब्बारों के फटने का खतरा रहता है, जिससे घर्षण के कारण आग लग सकती है।

रैली की अनुमति
मंच की नहीं शिकायत आएगी तो कार्रवाई करेंगे
नानाखेड़ा सीएसपी श्वेता गुप्ता ने बताया कि भाजयुमो की रैली की पुलिस से अनुमति ली गई थी। मंच निर्माण की सूचना नहीं थी। गुब्बारा फटने की घटना की शिकायत आयेगी तो कार्रवाई करेंगे। सभी राजनीतिक पार्टियों से हमारी अपील है कि अनुमति के वक्त जो सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी जाती है उसका पालन जरूर करें, ताकि भविष्य में कोई दुर्घटना की संभावना नहीं रहे।

Related Articles

Write a review