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एक्सपर्ट ने कहा लडऩे झगडऩे से बचें नहीं बल्कि इसे एंजॉय करें

शादी के बाद कई बार पति-पत्नी के बीच ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है कि छोटी-छोटी लड़ाइयां भी बड़ी बन जाती हैं और नतीजतन ये होता है कि रिश्ते टूटने की कगार में पहुंच जाता है। ऐसे में एक्सपर्ट का कहना है कि आपसी लड़ाई-झगड़े से बचें नहीं बल्कि इसे करें एंजॉय और अगर स्थिति गंभीर हो जाए तो साइकोलॉजिस्ट के पास जरूर जाएं।

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कलह होने के कारणों को समझें
पति-पत्नी में अगर रूठना, मनाना न हुआ तो जिंदगी बेजार होने लगती है, लेकिन रूठने की स्थिति तो तभी बनेगी जब कुछ बात बिगड़ेगी। हर दिन प्यार से ही रहेंगे तो जिंदगी मुकम्मल नहीं होगी। इसलिए लडऩे-झगडऩे से बचें नहीं बल्कि इसे एंजॉय करें। लेकिन अक्सर ऐसा देखा जाता है कि स्थिति कई बार हाथों से बाहर निकलने लगती है और झगड़े की वजह से परिवार का माहौल खराब होता है।

दोनों इमोशनली कमजोर हों
जब दो रिश्ते में बंधे दोनों ही लोग भावनात्मक रूप से कमजोर होते हैं तो जोर-जोर से चिल्लाना और एक-दूसरे पर आरोप लगाना पर हाथ न उठाना, जिंदगी यूं ही कटने लगती है। कुछ लोग बहस में गालियां देना और कभी-कभी मारपीट भी कर लेते हैं। फिर दूसरे दिन सब सामान्य हो जाता है। ऐसे परिवार भी चलता रहता है और मोहल्ले में शोरगुल बना रहता है। पर ये सही नहीं है। ऐसी स्थिति में दोनों शख्स को काउंसलिंग की जरूरत होती है। काउंसलिंग सही तरीके से हो जाए तो चीजें सही हो जाती हैं।

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कैसे मैनेज करें स्थिति
आजकल स्ट्रेस, डिप्रेशन, एंग्जायटी जैसी मानसिक बीमारियां बहुत कॉमन हो गई हैं। कुछ लोगों को सिजोफ्रेनिया और बाइपोलर डिसऑर्डर की परेशानी भी हो सकती है। इन सभी के इलाज हैं। देश में सभी तरह की मानसिक बीमारियों के इलाज की सुविधा है। यहां सायकायट्रिस्ट और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट उपलब्ध हैं। तमाम तरह की मानसिक बीमारियों का इलाज है। अगर सही काउंसलिंग हुई तो गजब का सुधार होता है।

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