Monday, May 16, 2022
Homeउज्जैनउज्जैन:भूतड़ी अमावस्या पर आस्था का मेला...

उज्जैन:भूतड़ी अमावस्या पर आस्था का मेला…

कोविड पाबंदियां हटने के बाद भक्तों की पहली डुबकी…

भूतों के मेले के रूप में जाना जाता है स्नान पर्व

उज्जैन।भूतड़ी अमावस्या पर्व पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुचें। इस दौरान श्रद्धालुओं ने कालियादेह पैलेस स्थित 52 कुंड में स्नान और आत्माओं से छुटकारा पाने के लिए पूजन अर्चन किया। मान्यता है की भूतड़ी अमावस्या पर शरीर में बुरी आत्मा से निजात पाने के लिए दूर दूर से श्रद्धालु 52 कुंड में डुबकी लगाने के लिए पहुंचते है।

743

कोरोना काल के दौरान लगी पाबंदियों से मिली राहत के बाद अब 2 वर्ष के पश्चात् श्रद्धालुओं को कुंड में डुबकी लगाने का मौका मिला। शुक्रवार सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचना शुरू हो गए थे।

इस दौरान कई लोग तंत्र क्रिया और कुछ लोग भूतों के मेले में बुरी आत्मा को लेकर पूजन कराया। बीते दो वर्षो से भूतड़ी अमवस्या के पर्व पर रोक लगी हुई थी, लेकिन इस बार सभी प्रतिबंधों हटा लिए गए। इसके बाद जिला प्रशासन ने भूतों के इस मेले के लिए प्रबंध किये है।

d5c00
उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया की दो वर्ष के बाद हो रहे आयोजन में भीड़ अधिक आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा सहित अन्य इंतजाम किये गए है। पुलिस बल को भी लगाया गया। साथ ही कोई श्रद्धालु डूबे नहीं और पीने का पानी सहित भीड़ ज्यादा नहीं लगे इस बात का भी ध्यान रखने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

भूतड़ी अमावस्या का महत्व…अमावस्या पर 52 कुंड पर श्रद्धालुओं का मेला लगता है जिसे भूतो के मेले के रूप में भी जाना जाता है . शरीर में लगी बुरी आत्माओ को भगाने के लिए कुंड में डुबकी लगायी जाती है। मान्यता है की ऐसा करने से सभी आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है स्कन्द पुराण में भी इसका उल्लेख मिलता है।

347006

रामघाट और दत्त अखाडा पर स्नान

शिप्रा नदी पर स्नान भूतड़ी अमावस्या पर हजारों श्रद्धालु शिप्रा तट पर स्नान के लिए पहुंचते है। लिहाजा शुक्रवार सुबह से ही रामघाट और दत्त अखाडा पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। रामघाट पर लगी भीड़ का नजारा कुम्भ जैसा दिखाई दिया। केडी पैलेस पर भी ग्रामीण इलाकों से आये श्रद्धालुओं ने काफी तादाद में आस्था की डुबकी लगाई।

जरूर पढ़ें

मोस्ट पॉपुलर