धमकी से डरकर किशोरी ने जहर खाकर दी जान

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:दुबली तराना में रहने वाली किशोरी ने गांव के ही व्यक्ति की धमकी से डरकर जहरीला पदार्थ खा लिया जिसकी प्रायवेट अस्पताल में मृत्यु हो गई। वहीं एक किशोर ने भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
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मनीषा परमार पिता कनीराम 17 वर्ष निवासी दुबली तराना को जहर खाने पर परिजनों ने प्रायवेट अस्पताल में भर्ती कराया था जहां देर रात उसकी मृत्यु हो गई। मनीषा के काका कैलाश परमार ने बताया कि गांव में रहने वाले ब्रजेन्द्र सिंह से कनीराम का रुपयों का लेनदेन था जिसको लेकर ब्रजेन्द्र द्वारा आये दिन कनीराम को धमकी दी जाती थी। दो दिन पहले भी ब्रजेन्द्र ने कनीराम को परिवार सहित जान से खत्म करने की धमकी दी थी।
इससे डरकर मनीषा ने जहर खा लिया जिसकी अस्पताल में मृत्यु हो गई। कैलाश परमार ने बताया कि उसका भाई कनीराम गांव में गोकुल सिंह के यहां बंधुआ मजदूर है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराया है। इधर अल्फेज पिता गफ्फार पठान 17 वर्ष निवासी सेमल्या थाना चिंतामण ने अज्ञात कारणों के चलते जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि अल्फेज 10 वीं का छात्र था। उसने किन कारणों के चलते आत्महत्या की इसकी जानकारी नहीं है।
पसंद के लड़के से परिवारजन नहीं कर रहे थे शादी, किशोरी ने चूहामार दवा गटकी
12 वीं पास किशोरी ने सुबह चूहामार गटककर आत्महत्या का प्रयास किया। मीरा पिता इंदर सिंह निवासी बूचाखेड़ी ने बताया कि वह अपनी पसंद के लड़के से शादी करना चाहती है, लेकिन लड़का दूसरी जात का होने के कारण परिवारजन शादी को तैयार नहीं इसी कारण चूहामार खाई थी।
परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। ऐसे ही अर्जुन पिता ईश्वर 27 वर्ष निवासी जूना सोमवारिया ने शराब के नशे में जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की जिसे परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया। अर्जुन ड्रायवर है उसने बताया कि डिप्रेशन के चलते जहर खा लिया था। वहीं लेखराज पिता राजेन्द्र कुमार 30 वर्ष निवासी तिलकेश्वर कालोनी ने स्वयं को ब्लैड से घायल कर लिया। वह पावरलूम चलाता है।









