वित्तमंत्री सीतारमण ने पेश किया 9वीं बार देश का आम बजट… रफ्तार, क्षमता और सबका साथ पर फोकस…

डेवलपमेंट पर जोर, 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, 3 आयुर्वेद एम्स
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17 कैंसर की दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी नहीं
नईदिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में 9वीं बार बजट पेश किया। इस बार का आम बजट रफ्तार, क्षमता और सबका साथ पर फोकस है। बजट में डेवलपमेंट पर खासा जोर दिया गया है और इस पर १२ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि खर्च करने की योजना बनाई गई है। 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, ३ आयुर्वेद एम्स के साथ टैक्सटाइल पार्क बनाने का ऐलान भी किया गया है। बजट में मध्यम वर्ग को किसी नई तरह के कर छूट नहीं दी गई है। १७ कैंसर दवाइयों को कस्टम ड्यूटी से मुक्त किया है। इसका फायदा उन मरीजों को होगा कैंसर के जोखिम का सामना कर रहे हैं। सरकार हेल्थ पर भी बड़ी राशि खर्च करने जा रही है। बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने सीतारमण को दही-चीनी खिलाई।
बजट के 3 मुख्य विजन
रफ्तार प्रोडक्टिविटी बढ़ाकर आर्थिक विकास की गति को तेज करना।
क्षमता लोगों की काबिलियत को निखारना ताकि वे देश की तरक्की में भागीदार बनें।
सबका साथ हर परिवार और क्षेत्र के पास कमाई के पर्याप्त संसाधन और मौके हों।
यहां बनेंगे हाई स्पीड रेल कॉरिडोर
मुंबई-पुणे, दिल्ली-वाराणसी, पुणे-हैदराबाद, वाराणसी-सिलीगुड़ी, हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बैंगलुरु, चेन्नई-बैंगलुरु
मालगाड़ी के लिए नया कॉरिडोर : पश्चिम बंगाल के डानकुनी के लिए एक नए फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान किया गया है।
इंफ्रा पर बड़ा खर्च : 12.2 लाख करोड़ रुपए का कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) तय किया है। यह पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।
टैक्सटाइल सेक्टर : देश में बड़े टैक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। कपड़ा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
रेयर अर्थ कॉरिडोर : केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले।
दवाइयों के क्षेत्र में शक्ति
10,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ बायो-फार्मा शक्ति योजना शुरू होगी, जिसके तहत तीन नए संस्थान खुलेंगे।
चिप मैन्युफैक्चरिंग
भारत अपना सेमीकंडक्टर मिशन आईएसएम 2.0 लॉन्च करेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स पर जोर
मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के कलपुर्जे बनाने के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है। इससे मोबाइल निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। अभी भारत एक लाख करोड़ से ज्यादा का निर्यात करता है।
इलेक्ट्रॉनिक इक्पिमेंट के लिए 40 हजार करोड़
1000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल साइट्स बनाई जाएंगी, जहां साइंटिफिक रिव्यू हो सकेंगे। सेमीकंडक्टर मिशन प्रोडक्शन और इंडियन आईपी बनाने, सप्लाई चेन बनाने का प्रावधान किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक इक्पिमेंट के लिए 40 हजार करोड़ रुपए रखे गए हैं। रेयर अर्थ मटेरियल के लिए ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में डेडिकेटेड फेसिलिसिटी बनाने की पहल की गई है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए यह ऐलान
पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इन्फ्रा और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर जारी रहेगा। इसके लिए- 2026-27 में पूंजीगत खर्च को 12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव। आंशिक लोन गारंटी के लिए इन्फ्रा जोखिम गारंटी निधि स्थापित होगी। समर्पित आरईआईटी से रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रिसाइक्लिंग में तेजी का प्रस्ताव।
इनकम टैक्स फॉर्म रीडिजाइन होगा
न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा सिंपलीफाइड फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, आम आदमी ताकि टैक्स भर सके। मोटर एक्सीडेंट क्लैम की रकम को इनकम टैक्स से छूट दी गई है। ओवरसीज टूर प्रोग्राम पर 5 परसेंट की जगह 2 परसेंट टैक्स किया गया है। एजुकेशन और मेडिकल पर्पज पर 5 की जगह 2 परसेंट टैक्स किया गया है। हायरिंग सर्विस पर 1 से 2 परसेंट टैक्स होगा।
आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करेंगे
अगले पांच साल में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल बनेंगे। 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग देंगे। भारतीय योग दुनियाभर में फैले, इसके लिए क्वालिटी आयुर्वेदिक प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देंगे। आयुर्वेद के तीन नए एम्स बनाए जाएंगे। आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के नेशनल लैब्स बनाए जाएंगे। जामनगर में डब्ल्यूएचओ ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर बनाया जाएगा
स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के प्रावधान बजट में किए गए है। शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर फोकस किया है। विकसित भारत का कोर ड्राइवर सेवा क्षेत्र रहेगा। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो एआई समेत प्रौद्योगिकियों से पडऩे वाले असर का आकलन करेगी। दक्षता आधारित रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य पेशेवर बनाने वाले संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। अगले पांच वर्ष में एक लाख एएचपी जोड़े जाएंगे। 1.5 लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे। इसमें निजी क्षेत्र की सहभागिता रहेगी। हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स बनेंगे। इनमें आयुष केंद्र होंगे। डायग्नोस्टिक, पोस्टर केयर और रीहैब के केंद्र रहेंगे। इससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। दुनियाभर में सम्मान हासिल कर चुकी प्राचीन योग पद्धति और आयुर्वेद पर जोर दिया जाएगा।
सेंसेक्स 1600 अंक गिरा, 80,600 पर
बजट के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 1600 अंक गिरकर 80,600 और निफ्टी करीब 500 अंक गिरकर 24,800 के स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है। सरकार ने सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया। इस वजह से ही बाजार में यह गिरावट आई है।









