नए साल में मंदिरों में आस्था का सैलाब, महाकाल मंदिर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु

दोप. 12 बजे तक सवा लाख लोगों ने दर्शन किए
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तीस हजार ने चलित भस्मार्ती में दर्शन किए
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। नए साल का पहला दिन कोहरे की चादर में लिपट कर आया। सूर्य देवता ने तो सुबह अवकाश ही मनाया। शीतलता सहस गुनी बढ़ गई। आस्थावानों ने शीत भरे वातावरण में यात्रा कर धर्म नगरी में आनंद लिया। सभी मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ रही। प्रशासन ने मंदिर में समुचित प्रबंध किए थे।
चारों तरफ से रास्ते बंद थे। चारधाम से रात एक बजे से ही कतार शुरू हो गई थी। कोहरे के साथ ओस की बूंदे भी भक्तों को शीतलता प्रदान कर रही थी, लेकिन वे ओम नम: शिवाय का उद्घोष कर अपनी बारी आने की प्रतीक्षा कर रहे थे।
हरि फाटक ब्रिज से बेगमबाग की यात्रा पैदल हो रही थी। उधर ब्रिज से महाकाल लोक तक वाहन प्रतिबंधित थे। महाकाल मंदिर के प्रभारी प्रशासक अनुकूल जैन के अनुसार सुबह 11 बजे तक सवा लाख लोग दर्शन कर चुके थे। कुछ तीस हजार लोगों ने चलित भस्मार्ती में दर्शन किए। नंदी हॉल में बैठने की व्यवस्था बंद रही।
इधर काल भैरव में भी अपार भीड़ देखी गई। करीब एक किलो मीटर तक कतार लगी हुई थी। गर्भ गृह में दर्शन बंद थे। भक्तों ने बाहर से ही दर्शन किए और मदिरा का भोग लगाया।
चामुंडा माता मंदिर को फूलों से सजाया गया। यहां माताजी को ५६ भोग लगाए गए। शुद्ध घी और बेसन से बने ५० हजार लड्डुओं का वितरण किया गया।










