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श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन करवाने पर फोकस

श्रावण मास में बाबा महाकाल के सुगम दर्शन और सवारी की तैयारियों में जुटा प्रशासन

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में 11 जुलाई से श्रावण माह की शुरुआत होगी जिसका समापन ९ अगस्त को होगा। इस दौरान देशभर से हजारों श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए आएंगे। ऐसे में मंदिर प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। शुक्रवार को कलेक्टर एवं महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रौशन कुमार सिंह ने प्रशासनिक संकुल भवन में बैठक ली जिसमें श्रद्धालुओं की सुगम दर्शन व्यवस्था और बाबा महाकाल की सवारियों के सुव्यवस्थित आयोजन पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि ऐसी व्यवस्थाएं बनाएं जिससे दर्शनार्थियों को कम से कम समय में दर्शन हो सकेंगे। इसके अलावा उन्होंने पिछले वर्षों में निकाली गई सवारियों के वीडियो भी देखे और कहा कि इस बार सवारियों में जरूरी सुधारों को लागू करने के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाएं।

दरअसल, इस बार श्रावण मास में इस बार लाखों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसी की तैयारियों को लेकर बैठक हुई जिसमें श्रावण-भादौ माह में भस्मार्ती के समय परिवर्तन, सामान्य और शीघ्र दर्शन व्यवस्था, मंदिर के प्रवेश द्वारों के समीप जूता स्टैंड व मोबाइल लॉकर की व्यवस्था करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। इसके अलावा सवारी में बिजली, पानी, बैरिकेडिंग, सफाई, चिकित्सा आदि के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके अलावा 20वें अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव पर भी चर्चा की गई। इसमें राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच दिया है। बैठक में निगम कमिश्नर आशीष पाठक, प्रशासक प्रथम कौशिक, सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल, सिम्मी यादव आदि उपस्थित रहे।

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श्रावण-भादौ में 6 सवारी निकलेगी
इस बार श्रावण व भादौ मास में बाबा महाकाल की ६ सवारियां निकलेंगी। पहली सवारी 14 जुलाई, दूसरी 21 जुलाई, तीसरी 28 जुलाई, चौथी 4 अगस्त, पांचवीं 11 अगस्त व राजसी सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी। 29 जुलाई को नागपंचमी पर्व रहेगा।

रात 2.30 बजे खुलेंगे पट
श्रावण मास में श्री महाकालेश्वर मंदिर के पट सामान्य दिनों की तुलना में जल्दी खुलेंगे। श्रावण सोमवार को तडक़े 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। इसके बाद पूजन, अभिषेक होगा फिर भगवान महाकाल की भस्मार्ती की जाएगी।

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