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पहली बार ड्रोन से 4 किमी दूर तक भीड़ पर नजर

गूगल मैप कंट्रोल के बाद महाकाल में हाईटेक सुरक्षा का एक और प्रयोग

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कंट्रोल रूम और एसपी के मोबाइल पर मिलता रहा पल-पल का फीडबैक

उज्जैन। नए साल में श्री महाकालेश्वर मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए उज्जैन पुलिस का एक और प्रयोग सफल रहा। इस बार साल के पहले दिन पुलिस ने भीड़ पर 5 ड्रोन कैमरों से नजर रखी और इनके जरिए 4 किमी दूर तक की गतिविधियों को कैद किया। इनसे मिले आउटपुट को एआई तकनीक से जोड़कर सुरक्षा इंतजामों का फीडबैक लिया। जैसे कहीं पैनिक स्थिति तो नहीं है या जाम के हालत तो नहीं है।

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महाकाल मंदिर में नए साल पर उमड़ी रिकॉर्ड भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उज्जैन पुलिस ने पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया। तकनीक की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 6.12 लाख की भारी भीड़ के बावजूद कहीं भी अव्यवस्था या पैनिक स्थिति नहीं बनी।

पुलिस प्रशासन ने भोपाल की विशेषज्ञ टीमों (दृष्टि एआई और इनसाइट एविएशन) के साथ मिलकर सुरक्षा चक्र तैयार किया था। मंदिर परिसर और शहर के मुख्य मार्गों पर 5 आधुनिक ड्रोन तैनात किए गए थे। एक ड्रोन 4 किलोमीटर के दायरे को कवर कर रहा था, जिससे मंदिर के चारों ओर 20 किलोमीटर के क्षेत्र की लाइव फीड सीधे महाकाल मंदिर कंट्रोल रूम को मिल रहा था।

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एंट्री रूट्स पर पहरा और वाहनों की गिनती
भीड़ को शहर के भीतर आने से पहले ही ट्रैक करने के लिए ड्रोन को इंदौर और देवास रोड पर भी लगाया गया था। इन रास्तों से आने वाले वाहनों की लाइव ट्रैकिंग की गई और एआई की मदद से वाहनों की सटीक गिनती पुलिस को मिली। इससे जाम के हालात बनने से पहले ही ट्रैफि को पुलिस ने नियंत्रित कर लिया।

कंट्रोल रूम से एसपी की लाइव कमांड
एसपी प्रदीप शर्मा अपने मोबाइल पर ड्रोन का लाइव फीड और एआई डेटा देख रहे थे। एआई सिस्टम की मदद से पुलिस को सटीक हेड काउंट (श्रद्धालुओं की संख्या) और क्राउड डेंसिटी की जानकारी मिल रही थी। ऐसे में पैनिक वाली स्थिति या भीड़ के अधिक दबाव वाले सिंगल पाइंट की पहचान तुरंत हो गई।

पुलिस अधीक्षक का प्लान
सीएसपी (महाकाल सर्कल) राहुल देशमुख (आईपीएस) ने बताया ड्रोन लाइव कंट्रोल प्लान एसपी सर का था। उनके मार्गदर्शन में टीम ने काम किया। पीक सीजन में एआई-ड्रोन प्रणाली का प्रयोग सफल रहा। इसके जरिए हम दूर-दूर तक देख पा रहे थे कि कहीं असामान्य स्थिति तो नहीं बन रही। जहां भी कुछ ऐसा नजर आता कि ट्रैफिक जाम हो रहा है या कानून व्यवस्था बिगडऩे के हालात बन रहे हैं तुंरत टीम की मदद से हालात कंट्रोल किए गए। ऐसे में सब कुछ कंट्रोल में रहा।

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