जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया.सत्यपाल मलिक के एक्स अकाउंट पर उनके निधन की जानकारी दी गई है.सत्यपाल मलिक के निजी सचिव केएस राणा ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया, ”सत्यपाल मलिक का निधन आज दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हो गया.”
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सत्यपाल मलिक जम्मू-कश्मीर के अलावा बिहार, गोवा और मेघालय के राज्यपाल रहे थे.सत्यपाल मलिक ख़ुद को लोहियावादी बताते थे. लोहिया के समाजवाद से प्रभावित होकर उन्होंने अपनी सियासी पारी छात्र नेता के रूप में मेरठ कॉलेज छात्रसंघ से शुरू की.सत्यपाल मलिक का जन्म उत्तर प्रदेश में बागपत के हिसावदा गांव में 24 जुलाई 1946 को हुआ.
सत्यपाल जब दो साल के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया था.सत्यपाल मलिक को राजनीति में लाने का काम चौधरी चरण सिंह ने किया. 1974 में उन्होंने चौधरी चरण सिंह की पार्टी भारतीय क्रांति दल की टिकट पर बागपत विधानसभा का चुनाव लड़ा और महज़ 28 साल की उम्र में विधानसभा पहुंच गए.
पहला विधानसभा चुनाव सत्यपाल मलिक ने क़रीब दस हजार वोटों के अंतर से जीता था.1980 में लोकदल पार्टी से राज्यसभा पहुंचे, लेकिन चार साल बाद ही उन्होंने उस कांग्रेस का दामन थाम लिया जिसके शासनकाल में लगी इमरजेंसी का विरोध करने पर वो जेल गए थे.
1987 में राजीव गांधी पर बोफ़ोर्स घोटाले का आरोप लगा, जिसके ख़िलाफ़ विश्वनाथ प्रताप सिंह ने मोर्चा खोल दिया था और इसमें सत्यपाल मलिक ने उनका साथ दिया. कांग्रेस छोड़ सत्यपाल मलिक ने जन मोर्चा पार्टी बनाई जो साल 1988 में जनता दल में मिल गई.