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साझेदारी फर्म की आड़ में 1.85 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी

एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा हरियाणा पुलिस की गिरफ्त में, तेलंगाना और हरियाणा में भी की धोखाधड़ी

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नीलगंगा थाना क्षेत्र में करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। केशवनगर निवासी फरियादी महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरा हरियाणा पुलिस की गिरफ्त में है।

 

नीलगंगा पुलिस ने गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 24 दिसंबर को फरियादी विजया हरेल निवासी केशव नगर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी जिसमें उन्होंने मैक रेकॉन फर्म के साझेदार निशिकांत मिश्रा निवासी भोपाल एवं संजीव कुमार सिंह निवासी सिंगरौली के खिलाफ साझेदारी की आड़ में आर्थिक धोखाधड़ी एवं फर्म की पूंजी के गबन के गंभीर आरोप लगाए थे। जांच में पता चला कि फरियादी को लालच देकर संजीव सिंह और निशिकांत मिश्रा ने सिंगरौली में मैक रेकॉन नामक साझेदारी फर्म स्थापित की थी। यह फर्म पुरानी भारी मशीनरी को नवीनीकृत और मरम्मत कर नया बनाकर निर्यात या पुन: बेचने का काम करती थी।

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विजया हारेल से फर्म में 1,85,50,50० रुपए का निवेश करवाया गया लेकिन अन्य दोनों साझेदारों ने उस राशि का बड़ा हिस्सा फर्म के लिए यूज नहीं करते हुए बिना अनुमति तीसरे पक्ष की कंपनी मशीन एलिमेंट्स एवं अपने और परिचितों के खातों में स्थानांतरित कर लिया। इसके बाद फरियादी से फाइनेंशियल विवरण जानबूझकर छिपाए और राशि लौटाने से भी इंकार कर दिया। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया।

कोर्ट परिसर के पास से पकड़ा

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बैंक लेन-देन, कॉल डिटेल्स एवं अन्य दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। लगातार प्रयास से आरोपी संजीव पिता राम जन्म सिंह (50) निवासी हरयपुर थाना बेढन जिला सिंगरौली को उज्जैन कोर्ट परिसर के पास से गिरफ्तार किया गया जिससे पूछताछ की जा रही है। प्रकरण का दूसरा आरोपी निशिकांत मिश्रा निवासी थाना मिसरोद (भोपाल) के खिलाफ अन्य राज्यों में भी सायबर एवं वित्तीय धोखाधड़ी के प्रकरण दर्ज होना सामने आया है जो फिलहाल हरियाणा पुलिस की गिरफ्त में है।

मप्र सहित तेलंगाना व हरियाणा में किया फ्रॉड
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने मप्र सहित तेलंगाना, हरियाणा में कई अलग-अलग स्थानों पर धोखाधड़ी की गई है। आरोपियों ने अन्य लोगों को व्यवसाय, निवेश एवं पार्टनरशिप के नाम पर झांसा देकर बैंक खातों के माध्यम से राशि प्राप्त की।

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