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Gwalior Regional Tourism Conclave: CM मोहन यादव ने इन्वेस्टर्स से की वन-टू-वन मीटिंग

ग्वालियर-चंबल संभाग की कला, संस्कृति, विरासत और हस्तशिल्प को एक दुनिया में नई पहचान बनाने के लिए रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव संपन्न हुआ। जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्य के कई मंत्री-विधायक समेत अभिनेता और Neemrana Hotels के चेयरमैन अमन नाथ समेत कई कारोबारियों ने इसमें हिस्सा लिया। सीएम ने इस मौके पर उद्योगपतियों से निवेश के संबंध में वन-टू-वन चर्चा भी की। साथ ही बताया ग्वालियर में आने वाले समय में कितना विकास होगा, जिससे लोगों को रोजगार भी मिल सके।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मुझे अत्यंत प्रसन्नता है कि ग्वालियर-चंबल अंचल में Regional Tourism Conclave 2025 का आयोजन हो रहा है। यह कॉन्क्लेव क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को नई उड़ान देगा और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लघु उद्योग दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर ग्वालियर में पहली बार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हो रही है।

उन्होंने कहा कि ग्वालियर देश की राजधानी के करीब का क्षेत्र है। कभी आगरा भी राजधानी हुआ करती थी। यहां राजा मानसिंह के काल में बना ऐतिहासिक किला दुनिया में पहचान रखता है। इसकी स्थापत्य कला अद्भुत है।

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बड़े-बड़े सत्ताधीशों को बुरे समय में इसी किले में बंदी बनाकर रखा गया। बंदी छोड़ के कठिन दौर में ग्वालियर में आध्यात्मिक आत्मा का प्रकटीकरण हुआ।

मुरैना के मितावली का चौसठ योगिनी मंदिर के डिजाइन के आधार पर वर्ष 1912 में दिल्ली में संसद भवन का निर्माण हुआ। यही संसद दुनिया में लोकतंत्र का सबसे आकर्षक भवन है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 10-11 साल के कार्यकाल में क्या-क्या काम किए। देश की विरासत को सामने लाने का प्रयास अकल्पनीय है। मेड इन इंडिया के लिए आगे बढ़ रहे हैं। अब डाटा बताता है कि 2014 के पहले भारत का नंबर क्या था। अब चौथी अर्थव्यवस्था बना और अब तीसरी बनेगा। आने वाले समय में ग्वालियर को और भी सौगात मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में तानसेन का बड़ा नाम है। बैजू ताल को अच्छा करने के लिए एमओयू हुआ है। मानसिंह विवि के लिए 50 करोड़ की राशि दी है। इससे स्थाई भवन बनेगा। सीएम ने कहा कि ग्वालियर चंबल में चीता भी जीता है। ये तो वो नगरी है जहां गली-गली में चीता दिख जाता है। यहां घड़ियाल सेंक्चुरी है। ग्वालियर-चंबल में पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।

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