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बारिश के साथ ओले गिरे, गेहूं को नुकसान

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते मौसम में अलग-अलग बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मंगलवार शाम को बारिश के साथ जिले में कहीं-कहीं ओले भी गिरे जिससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आड़ी हो गई। किसानों का कहना कि गेहूं की फसल आड़ी होने से दाना ठीक से या तो पकेगा नहीं या फिर खराब हो जाएगा। ऐसे में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

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दरअसल, पश्चिमी विक्षोभ के चलते पिछले तीन दिनों से आसमान में बादल छाए थे जो मंगलवार को बरस पड़े। सुबह बूंदाबांदी हुई तो शाम को जिले में कुछ जगह बूुंदाबांदी हुई तो माकडौन, अमलावदिया सहित अन्य ग्रामों में ओले गिरे जिससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आड़ी हो गई। कुछ जगह खेतों में पानी भरने की खबरें भी आ रही हैं। यदि मौसम का यही मिजाज ऐसा तो किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। फिलहाल किसान की नजरें आसमान पर टिकी हैं। आगे मौसम राहत देगा या और परेशानी बढ़ाएगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

इधर, किसान ने खेत में लगाई फांसी
इधर, माकड़ौन थाना क्षेत्र के ग्राम जमुनिया में रहने वाले किसान पंकज पिता आत्माराम मालवीय (30) ने बुधवार सुबह अपने खेत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि घटना सुबह 8 से 9 बजे के बीच की है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को हुई ओलावृष्टि के कारण फसल को काफी नुकसान पहुंचा था, इसी से आहत होकर पंकज मालवीय ने फांसी लगा ली। हालांकि, मामले में माकड़ौन थाने के एसआई एवं जांच अधिकारी हुकुमसिंह सोलंकी का कहना है कि अभी परिजनों के बयान नही हुए हैं, बयान के बाद ही फांसी लगाने का कारण पता चल सकेगा। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

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राजस्व अमला मैदान में उतरा
इधर, तराना-माकड़ौन क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि के बाद राजस्व विभाग की टीम सर्वे के लिए मैदान में उतर गई है। अपर कलेक्टर से लेकर डिप्टी कलेक्टर तक मौका मुआयना कर रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने ओलवृष्टि प्रभावित किसानों की फसल का सर्वे कर मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।

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