हरिफाटक ओवरब्रिज और सुविधाजनक बनेगा

1.75 करोड़ से आधुनिक बनाने की तैयारी, सरकार को हुई 53 करोड़ की सीधी बचत
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर के सबसे व्यस्त हरिफाटक पुल के चौड़ीकरण परियोजना का भूमिपूजन 25 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। 97 करोड़ रुपए की इस महत्वाकांक्षी योजना से महाकाल मंदिर और इंदौर मार्ग की कनेक्टिविटी और भी सुगम हो जाएगी। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 150 करोड़ रुपए के सिविल कामों की निविदा निकाली थी। इंदौर रोड सिक्सलेन बना रही रवि इन्फ्राबिल्ड कंपनी ने 35 प्रतिशत कम दर पर काम करने का प्रस्ताव दिया जिससे सरकार को 53 करोड़ रुपये की सीधी बचत हुई है। अब यह कार्य मात्र 97 करोड़ रुपए में होगा। निर्माण अवधि डेढ़ वर्ष तय की गई है।

भूमिपूजन से पहले हटेंगे अतिक्रमण
भूमिपूजन से पहले बेगमबाग की भूमि के हस्तांतरण और नगर निगम की 12 खोली के अस्थायी मकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। भू-अर्जन के लिए धारा-19 का नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है। यह परियोजना केवल एक पुल का विस्तार नहीं बल्कि सिंहस्थ के दौरान संभावित 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन को संभालने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। इसके साथ ही कार्तिक मेला मैदान और गुरुद्वारा तिराहे पर भी दो अन्य अंडरपास बनाए जाएंगे।
ऐसा होगा पुल का नया स्वरूप
पूर्वी-पश्चिमी हिस्सा (महामृत्युंजय द्वार की ओर)- यहां 10.50 मीटर चौड़ी नई शाखा बनाई जाएगी।
उत्तर-दक्षिणी हिस्सा (बेगमबाग की ओर)- इस हिस्से को 17 मीटर चौड़ी नई शाखा से विस्तार दिया जाएगा।
अंडरपास निर्माण- पुल के समीप हरिफाटक चौराहे से महाकाल महालोक तक 91.75 करोड़ की लागत से 314 मीटर लंबा और 22 मीटर चौड़ा आधुनिक अंडरपास बनाया जाएगा।










