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घर के बाहर बरामदे में अकेला सो रहा था दबे पांव आया, लाठी से पीट कर भाग गया

परिजन घायल को लेकर चरक अस्पताल आए

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उज्जैन। शराब पीते समय दोनों में विवाद हुआ। एक दूसरे के खानदान तक बखाने गए। समय बीत गया और दोनों फिर एक हो गए। यह एकता बनावटी थी। हमलावर के मन में खुन्नास पली हुई थी। वह मौका देख रहा था कि कब हमला किया जाए। मौका नहीं मिला। अंतत: यह पता चल गया कि वह मकान के बरामदे में अकेला सोता है। परिवार के लोग अंदर सोते हैं। इसी बात का फायदा उठाया और अपने इरादे में सफल हो गया। अब पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

बडऩगर के मकोदा गांव में रहने वाला ६० वर्षीय ईश्वर पिता देवीलाल चरक अस्पताल में भती है। उसने बताया कि गांव के ही चंद्रपाल राजपूत के साथ शराब पीते समय विवाद हुआ था। वह उस घटना को भूल गया। चंद्रपाल नहीं भूला। गत रात ईश्वर अपने मकान के बरामदे में अकेला सो रहा था तब चंद्रपाल आधी रात में वहां आया और लाठी से हमला कर दिया। चीख सुन कर परिवार के लोग जाग गए और ईश्वर को बचाने के लिए बरामदे की ओर दौड़े।

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सभी लोगों को अपनी ओर आता देख हमलावर वहां से भाग गया। ईश्वर ने बताया कि चंद्रपाल बेहद गुस्से में था उसने उसके शरीर पर अनगिनत वार किए। इस हमले में वह बुरी तरह घायल हो गया। परिवार के लोग उसे चरक अस्पताल लेकर आए, जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस को भी इस हमले की सूचना दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि ईश्वर पर हुए हमले की जानकारी मिली है। उसके बयान दर्ज करने के लिए जवान को भेजा गया है।

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