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इश्कबाज कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव पर अब हाईकोर्ट का फंदा

अब कोर्ट को पेश करना होंगे जवाब

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। नगर निगम के इश्कबाज कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव के विरुद्ध हाईकोर्ट का फंदा लटक गया है। कोर्ट ने एक सप्ताह में नोटिस जारी कर 6 सप्ताह में जवाब तलब किए हैं। भार्गव के विरुद्ध निगम ने जांच रिपोर्ट तो तैयार कर दी है, लेकिन उसका पूरी तरह खुलासा अब तक नहीं हो सका है। एमआईसी ने जांच रिपोर्ट बंद लिफाफे में ही पुलिस के पास भेज दी है।

अपनी मातहत महिला मातहत महिला उपयंत्री के यौन शोषण मामले में फंसे कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव को अब तक निगम द्वारा संविदा नियुक्ति से बर्खास्त नहीं किया जा सका है जबकि उपयंत्री द्वारा पुलिस को विधिवत शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। अब तक कोई कार्रवाई न होने पर उपयंत्री ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जवाब तलब करने के निर्देश निगम अधिकारियों को दिए हैं।

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रिटायरमेंट के बाद निगम में संविदा पर नियुक्त किए गए कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव को पॉवरलेस किया जा चुका है और सिंहस्थ कार्यों के प्रोजेक्ट भी जोनल अधिकारी सोहन मैदावाला को सौंपे जा चुके हैं। इससे यह संकेत तो लिया जा रहा है कि निगम ने भार्गव को कुछ हद तक दोषी मान लिया है।

निगम अधिकारियों का दावा है कि भार्गव के विरुद्ध मातहत महिला उपयंत्री के यौन शोषण आरोप की जांच विशाखा समिति द्वारा कराई गई है, लेकिन यह अब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंच नहीं सकी है। मामले की ऑडियो रिपोर्ट से भी साफ हो चुका है कि उपयंत्री के आरोप सही हैं, लेकिन निगम की जांच अब तक मामले की सचाई पता नहीं लगा सकी है। उसने एमआईसी को मानसिक तनाव की रिपोर्ट भेजी है।

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