SC का राहुल से सवाल-आपको कैसे पता चला चीन ने जमीन हड़प ली

भारतीय सेना पर कथित टिप्पणी को लेकर चल रहे मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने लखनऊ की ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी समन पर फिलहाल रोक लगा दी है। हालांकि, कोर्ट ने राहुल गांधी को फटकार भी लगाई और कहा कि “एक सच्चा भारतीय ऐसा बयान नहीं देगा।”
यह मामला दिसंबर 2022 का है, जब भारत-चीन सीमा पर टकराव के बाद राहुल गांधी ने भारतीय सेना पर एक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया था। कोर्ट ने फरवरी 2025 में राहुल गांधी को समन जारी करते हुए 24 मार्च 2025 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था।
राहुल गांधी ने इस समन और मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन मई 2025 में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं कि सेना के खिलाफ अपमानजनक बयान दिए जाएं।
इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय बेंच – जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह – ने न केवल समन पर रोक लगाई बल्कि याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार भी कर लिया। कोर्ट ने मूल शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता ने राहुल गांधी से सवाल किया, “आपको कैसे पता चला कि चीन ने 2000 वर्ग किलोमीटर भूमि पर कब्जा कर लिया है? आपकी जानकारी का स्रोत क्या है? एक सच्चा भारतीय ऐसा बयान नहीं देगा। अगर कोई सीमा विवाद है तो आप संसद में सवाल क्यों नहीं उठाते?”
अब सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई के बाद यह तय होगा कि यह मामला आगे कैसे बढ़ेगा। फिलहाल राहुल गांधी को समन से राहत जरूर मिली है, लेकिन शीर्ष अदालत की टिप्पणी उनके लिए एक चेतावनी भी है।









