Wednesday, February 1, 2023
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चरक में आईसीयू सेटअप लेकिन विशेषज्ञ नहीं….

गंभीर गर्भवती महिलाओं को करना पड़ता है रैफर

उज्जैन। शासन द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर 450 बेड वाला मातृत्व एवं शिशु हेतु चरक अस्पताल भवन बनवाया जिसमें संसाधन भी जुटा दिये गये लेकिन विशेषज्ञों की पदस्थी नहीं होने के कारण प्रतिदिन गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने वाली गर्भवतियों को इंदौर रैफर करना पड़ रहा है।

यह है अस्पताल की स्थितिचरक अस्पताल की दूसरी मंजिल पर प्रसव कक्ष, स्त्रीरोग ऑपरेशन थियेटर और विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई कक्ष स्थापित है। सामान्य गर्भवती महिलाओं की डिलेवरी तो डॉक्टरों द्वारा करा दी जाती है लेकिन गंभीर स्थिति में महिलाओं को आयुष्मान कार्ड होने पर आरडी गार्डी अस्पताल और नहीं होने पर एमवायएच इंदौर रैफर किया जाता है। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि रात के समय चरक अस्पताल आने वाले गंभीर गर्भवती महिलाओं का यहां उपचार नहीं होता। स्टाफ के लोग ही उसे देखकर अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह परिजनों को देकर रवाना कर देते हैं।

450 से 500 डिलेवरी प्रतिमाह

संभाग का सबसे बड़ा प्रसूतिगृह होने के कारण यहां पर उज्जैन जिले के अलावा शाजापुर, देवास, नागदा, आगर सहित अन्य जिलों की महिला मरीज भी उपचार व डिलेवरी के लिये पहुंचती हैं। चरक अस्पताल में प्रतिमाह औसतन 450 से 500 गर्भवती महिलाओं की डिलेवरी कराई जाती है जिनमें से 150 से 175 के करीब महिलाओं की ऑपरेशन से डिलेवरी होती है।

आईसीयू में निश्चेतना विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं

चरक में आईसीयू का सेटअप है। उसके बावजूद महिला चिकित्सकों द्वारा गंभीर गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन नहीं किये जाते। अस्पताल में इन्टेसिविस्ट नहीं है। इस कारण महिला चिकित्सक ऑपरेशन करने की रिस्क नहीं लेतीं और महिलाओं को इंदौर रैफर किया जाता है।

जितने ऑपरेशन हर माह उससे अधिक रैफर

अस्पताल में यदि एक माह में 500 डिलेवरी कराई जाती है तो उनमें 150 से अधिक ऑपरेशन शामिल होते हैं, लेकिन अस्पताल सूत्रों की मानें तो 200 से अधिक महिलाओं की हालत गंभीर होने, शिशु की जान को खतरा, संसाधन नहीं होने जैसी जानकारी देकर रैफर कर दिया जाता है। ऐसी महिलाओं के परिजन इंदौर न जाते हुए प्रायवेट अस्पतालों में पहुंचते हैं जहां हजारों रुपये देकर गर्भवती महिलाओं की डिलेवरी कराना पड़ रही है।

इनका कहना :

चरक अस्पताल में आसीयू का सेटअप है लेकिन इन्टेसिविट नहीं होने के कारण गंभीर गर्भवती महिलाओं की डिलेवरी नहीं की जाती है। ऐसी महिलाओं को आयुष्मान कार्ड होने पर आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज अन्यथा एमवायएच इंदौर रैफर किया जाता है। -निधि जैन, आरएमओ चरक अस्पताल

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