Wednesday, February 1, 2023
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बच्चे की हो पहली सर्दी तो इन बातों का जरूर रखें ख्याल

सर्दियों का मौसम हर किसी के लिए बेहद तकलीफदेह होता है। खास कर शिशुओं के लिए ठंड तब बेहद कष्टदायी हो जाती है शिशु की पहली ठंड और पहली गर्मी में उसका ज्यादा ख्याल रखना जरूरी है. सर्दियों में शिशुओं को गर्म रखना और उनकी खास देखभाल की बेहद जरूरत होती है। नहलाने, मालिश करने या उनके देर तक भीगे रहने से उन्हें कई तरह की समस्या हो सकती है।

शिशुओं को ठंड में सबसे ज्यादा वायरल इंफेक्शन का खतरा रहता है। यदि शिशु को वायरल इंफेक्शन हो जाए और देख रेख में थोड़ी सी भी अनदेखी हो जाए तो वह शिशु के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए कोशिश करें कि ऐसी स्थिति आने ही न पाए। हम आपको बताएंगे कि अगर ये आपके शिशु की पहली सर्दी है, तो आप किन जरूरी बातों का खास ख्याल रखना चाहिए.

मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं

”शिशु को ठंड हमेशा सिर, पैर और chest से ही सबसे जल्दी लगती है, इसलिए छोटे बच्चों के पैरों, सिर और कानों को भी हमेशा ढककर रखें। यानी उनकी बॉडी के साथ-साथ उनके पैरों, सिर और कानों को कवर करना ना भूलें। और अपने बच्चों को पहली सर्दी में कपड़े हमेशा ले‍यरिंग में पहनाएं। साथ ही इस बात का ख्याल रखें कि सर्दि।यों में नवजात को ठंड से बचाने के ल‍िए उसे जरूरत से ज्यागदा ढकना सही नहीं है। क्योंकि इससे उन्हें ओवर हीटिंग की समस्या भी हो सकती है। इस कारण से उसे बेचैनी और ब्रीद‍िंग प्रॉब्लनम महसूस हो सकती है

नहलाने से पहले मालिश जरूरी

बच्चों को नहलाने से पहले उनके शरीर की गुनगुने तेल से मालिश करनी चाहिए. शिशु के शरीर की गर्म तेल से नियमित रूप से मालिश करने से उसकी मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। इसके साथ ही मालिश करने से शरीर को गर्माहट मिलती है मालिश करते समय कपड़ा जरूर डाल दें ताकि उसे ठंड न लगे. इसके बाद बच्चे को गुनगुने पानी से नहलाएं. नहलाते समय किसी केमिकल युक्त चीज का इस्तेमाल न करें. पानी में कुछ बूंदें नारियल, सरसों या जैतून तेल की बूंदें मिला लें.

सनलाइट है बहुत जरूरी

श‍िशु की पहली सर्दिै‍यां उसके ल‍िए खास होती हैं। बच्चों को सनलाइट थेरेपी देना भी जरूरी है, क्योंकि इससे उनके शरीर को विटामिन डी के साथ सभी आवश्यक पोषक तत्व मिल पाते है। खासकर बच्चों के लिए सर्दी के दौरान धूप सेंकना बेहद फायदेमंद होता है. । इसके साथ ही ध्यान रखें कि आप उनकी त्वचा पर सन्सक्रीन न लगाएं। 6 माह से कम उम्र के बच्चों को सन्सक्रीन नहीं लगानी चाहिए। उनकी स्कीन बहुत ज्यादा सेंसिटिव होती है। साथ ही सीधी धूप देने के बजाय हल्की धूप या छांव में रखने का प्रयास करें।

डाइट का रखें ख्याल

सर्दियों के मौसम में बच्चों को भूलकर भी ठंडा खाना ना दें। कोशिश करें कि आप जब भी बच्चों को खाना दें वो गर्म हो। साथ ही फ्रिज में रखी चीजें भी बच्चे को नहीं दें। खाने के साथ-साथ दूध भी गर्म करके पिलाएं। सर्दियों में बच्चों को फिट रखने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि, आप बच्चों की डायट का पूरा ध्यान रखें. ठंड के मौसम में अगर उनका खान-पान प्रॉपर और सही वक्त पर दिया जाए तो बीमारियों से हमेशी दूरी बनी रहेगी. इसके लिए बच्चों के सुबह अंकुरित चीजें जरूर खिलाएं, यही नहीं इसके अलावा केला, दूध और बादाम भी बच्चों को ठंड के दिनों में खिलाने से हड्डियां मजबूत होंगी.

जरूरी वैक्सीून लगवाएं

सर्दी का मौसम है तो ठंड में बच्चे को बाहर ले जाना ठीक नहीं, सर्दि‍यां आने के साथ फ्लू और संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ये मौसम नवजात श‍िशु के ल‍िए नाजुक होता है। बच्चों के टीकों या वैक्सीनेशन को भी अप टू डेट रखें। माता-प‍िता को श‍िशु को सभी जरूरी वैक्सीहन समय पर लगवाने चाह‍िए। ज‍िन बच्चों की उम्र 6 माह या उससे ज्याादा है, उन्हें फ्लू शॉट लग सकता है। ये संक्रमण और गंभीर बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा कवच का काम करते हैं।

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