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अवैध शादी का कारोबार पुलिस केस का अंबार…

फ्रीगंज की हार-फूल वाली गली में चल रहे मैरिज ब्यूरो के दफ्तर पर पुलिस ने दी दबिश, दो को लिया हिरासत में

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केस 1

पिपलौदाखुर्द गांव के जितेंद्र को शादी के लिए लडक़ी की तलाश थी। एक दलाल राजू के जरिए उसने 1 लाख 40 हजार रुपए देकर झालावाड़ की एक लडक़ी से 13 अक्टूबर को शादी की। शादी के अगले ही दिन लडक़ी गहने और घर का कीमती सामान समेटकर चंपत हो गई। जितेंद्र अब नानाखेड़ा थाने पर एफआईआर के लिए चक्कर लगा रहा है।

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केस 2

दमोह में रहने वाले मूलचंद जैन ने बेटे की शादी के लिए उज्जैन में रहने वाली कृतिका जैन से संपर्क किया। अच्छी खासी रकम लेकर कृतिका और उसकी गैंग ने मूलचंद जैन के बेटे की शादी करवाई। शादी के अगले ही दिन दुल्हन 6 लाख रुपए और सोने के आभूषण लेकर फरार हो गई। इस मामले में पुलिस ने कृतिका जैन, उसकी बहन आइना और चाची पुष्पा जैन को गिरफ्त में लिया। जांच में पता चला कि इस गैंग ने प्रदेश के कई शहरों में 20 से ज्यादा वारदात की है।

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केस 3

खरसौदखुर्द गांव के रतनलाल सेन को बेटे जितेंद्र की शादी के लिए लडक़ी की तलाश थी। खाचरौद निवासी विष्णुबाई धाकड़ उसके संपर्क में आई। विष्णुबाई और उसकी गैंग ने 1 लाख 50 हजार रूपए लेकर नागदा में रहने वाली पहले से शादीशुदा महिला पूजा उर्फ नेहा से उसकी शादी करवा दी। यहां भी वही, शादी के सात दिन बाद नई नवेली दुल्हन नदारद। भाटपचलाना पुलिस ने इस पूरी गैंग को गिरफ्त में ले लिया है।

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। एक फिल्मी गाना है सुन लाडो शादी लड्डू मोतीचूर का, खाए पछताए, न खाए पछताए, कुछ ऐसे भी केस है जिनमें शादी का लड्डू गले में ही फांस की तरह फंस कर रह गया। दुल्हन तो मिली नहीं, उल्टे पास की रकम अलग चली गई। समाज में बदनामी अलग से। मालवाचंल खासकर उज्जैन में अब ऐसे प्रकरण बहुतायात में सामने आने लगे हैं। साल 2025 में ही अकेले उज्जैन जिले में ऐसे आधा दर्जन से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं जिनसे यह पता चलता है कि शादी का अवैध कारोबार यहां खूब फलने-फूलने लगा है और इस चक्कर में पुलिस थानों में लूट और ठगी के केस का अंबार लगने लगा है।

माधवनगर पुलिस ने शनिवार को फ्रीगंज स्थित हार-फूल वाली गली में संचालित होने वाले जीवन संगिनी सोशल वेलफेयर सोसायटी नामक मैरिज ब्यूरो पर छापा मारा था। यहां काम करने वाली 6 युवतियों को मय रिकॉर्ड के थाने ले जाया गया। पुलिस ने इस मामले में मैरिज ब्यूरो संचालक भरत और विजय खंडेलवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

इनके खिलाफ खरगौन निवासी राजू पिता गेंदालाल वर्मा ने माधवनगर पुलिस को शिकायत की थी। राजू को शादी के लिए युवती की तलाश थी। मैरिज ब्यूरो का विज्ञापन देखकर वह इनके झांसे में आ गया। उससे युवती तलाशने के लिए मैरिज ब्यूरो संचालकों ने 17 हजार रुपए लिए थे। लंबा वक्त बीत गया, न तो उसे कोई युवती दिखाई गई, ना ही रुपए वापस किए गए जिसके बाद उसने पुलिस को शिकायत की।

परिचय सम्मेलन एक मात्र विकल्प: शादी के नाम पर संगठित गिरोह और कथित मैरिज ब्यूरों वालो द्वारा की जा रही ठगी की घटनाओं को रोकने का एक मात्र विकल्प है समाज की भागीदारी। अलग-अलग समाजों के परिचय सम्मेलन ही इस समस्या का निदान हो सकते हंै। परिचय सम्मेलन के आयोजनों के जरिए विवाह योग्य युवक-युवतियों को, उनके परिवारों को आपस में मिलाने और संबंध जोडऩे की प्रक्रिया का चलन यदि बढ़ता है तो शादी के नाम पर दलाली वालों को स्वत: ही ठगी का अवसर नहीं मिलेगा।

समाजों में आ रही जागरुकता

जैन समाज में पहले के मुकाबले अब काफी जागरूकता आई है। समाज के ही देश और प्रदेशव्यापी प्लेटफॉर्म हैं जिनके जरिए लोग विवाह संबंध कर रहे हैं। इसके बावजूद धोखे के केस सामने आते रहते हंै। इनका एक ही हल है कि अपरिचित और अव्यवहारिक संबंध करने से बचें।अनिल गंगवाल, सचिव, श्री दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट

समाज में परिचय सम्मेलनों को बढ़ावा देकर इस तरह की समस्या से सामाजिक तौर पर निपटा जा सकता है। रुपए देकर विवाह करने की परंपरा को परिवारों को ही त्यागना होगा, इसमें समाज के स्तर पर मदद लेना ही ज्यादा बेहतर तरीका है।
वीरेंद्र परमार, सचिव, सर्व सेन समाज

अब तो मैरिज ब्यूरो से भी ठगी के केस सामने आने लगे हंै। परिचय सम्मेलनों में भी गलत जानकारी देकर धोखे होते हैं, जानकारियां प्रमाणित नहीं रहती हैं। वैवाहिक मामलों में ठगी और धोखे से बचने के लिए लोगों को पुरातन पद्धति पर ही लौटना होगा, संबंध आपस में प्रगाढ़ करें और नई रिश्तेदारियों के लिए अपनों की मदद लें। सुरेंद्र चतुर्वेदी, अध्यक्ष, ब्राह्मण समाज

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