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इंदौर-बुधनी और धार रेल लाइन सिंहस्थ के पहले शुरू होगी…

सिंहस्थ के पहली सड़क और रेल नेटवर्क प्रमुखता से पूरा करने के निर्देश मुख्य सचिव ने दिए

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उज्जैन। सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम प्रगति और सिंहस्थ से जुड़े प्रोजेक्ट्स की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेलवे लाइन और सड़क नेटवर्क के कार्यों में कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि इंदौर-बुधनी न्यू लाइन और छोटा उदयपुर-धार रेल लाइन प्रोजेक्ट का काम सिंहस्थ के आयोजन से पहले अनिवार्य रूप से पूरा हो जाना चाहिए। इसके साथ ही रतलाम-महू-खंडवा, अकोला रेलवे लाइन और इटारसी-नागपुर थर्ड लाइन के कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से उज्जैन आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।

 

उज्जैन शहर के बुनियादी ढांचे की समीक्षा

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सड़क और रेल के अलावा, उज्जैन शहर के भीतर चल रहे सीवरेज प्रोजेक्ट और वाटर सप्लाई योजनाओं की भी बारीकी से समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि शहर की ड्रेनेज व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति का काम सिंहस्थ की जरूरतों के हिसाब से समय पर पूर्ण किया जाए। बैठक में नीमच एनआईसी कक्ष से उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह और नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा मौजूद रहे, जिन्होंने उज्जैन संभाग में चल रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति से
अवगत कराया।

ग्रीनफील्ड और फोरलेन कार्यों को हरी झंडी

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बैठक में उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में बन रहे हाईवे और बायपास की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सभी महत्वपूर्ण कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।

मुआवजे का जल्द भुगतान करें
मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को सख्त हिदायत दी कि विकास कार्यों के लिए किए गए भू-अर्जन की मुआवजा राशि का भुगतान प्राथमिकता से किया जाए। उन्होंने कहा कि फंड की कमी या प्रशासनिक देरी के कारण किसी भी प्रोजेक्ट का काम रुकना नहीं चाहिए।

इन कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश
उज्जैन-जावरा और इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन का निर्माण। उज्जैन-मक्सी फोरलेन और उज्जैन सिंहस्थ बायपास फोरलेन कार्य। हरि
फाटक फोरलेन आरओबी का निर्माण कार्य। इंगोरिया-उन्हेल और इंगोरिया-देपालपुर टू-लेन सड़कों का सुदृढ़ीकरण।

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