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इंदौर कलेक्टर ने दिए 6 हजार, उज्जैन में भी चाइना डोर वालों को दे सकते हैं

कलेक्टर के निर्देश पर चल रहा है पतंगबाजों के खिलाफ अभियान

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ड्रोन से पुलिस कर रही है निगरानी, पतंगबाजों में व्याप्त है दहशत

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने भिक्षुक मुक्त अभियान चला कर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया है। बेशक, वहां के भिखारी धर्म नगरी उज्जैन में आ गए हैं, लेकिन अभियान सफलता के परचम लहरा रहा है। अब नई घोषणा हुई है। भिखारियों की सूचना दीजिए एक हजार रुपए लीजिए। यह योजना भी सिरे चढ़ गई।

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बताया जाता है कि कलेक्टर की इस पहल पर दो सौ लोगों ने दिए गए मोबाइल नंबर पर सूचना दी जिसमें से १२ सूचनाएं सहित साबित हुईं। कलेक्टर ने प्रथम चरण में छह लोगों को बुलाया और सभी को एक-एक हजार रुपए की राशि देकर सम्मानित किय। पुरस्कार पाने वालों में आकाश पाराशर, तुषार गंगवानी, आकाश नायक, वसीम खान, जीतेंद्र वर्मा और अंकित मालवीय शामिल थे। इंदौर में इस पहल की खासी चर्चा है।

रैन बसेरा से भाग गए

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इंदौर के भिखारियों ने रामघाट, हरसिद्धि, चामुंडा चौक, देवासगेट और मंगलनाथ इलाके में आतंक मचाया। महाकाल लोक बनने के बाद से यहां यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे आलम में ये भिखारी यात्रियों को परेशान कर रहे थे। महाकाल पुलिस ने रामघाट से भिखारियों को खदेड़ा और चालीस को गाडिय़ों में बैठा कर रैन बसेरा में भेजा। कुछ देर वे वहां रहे और निगरानी हटते ही भाग गए। ये भिखारी शहर के विभिन्न इलाकों में फैल गए हैं। दो दिन पहले भिखारी दंपत्ति ने भूखी माता मंदिर पहुंच कर नानवेज पार्टी की और शराब का आनंद लिया। भिखारी पति ने कहा, मैं डूब जाऊंगा। भिखारिन पत्नी समझी यह दो घंूट पीने के बाद हमेशा ऐसी की धमकी देता है। उसने कहा, जा डूब जा। उसने डूबकी लगा दी। फिर वह बाहर नहीं आया। छह घंटे बाद उसकी लाश मिली।

उज्जैन में भी चल सकता है अभियान

उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने यहां जानलेवा चाइना डोर के खिलाफ अभियान छेड़ा है। पहलीे बार ऐसा हुआ है कि चाइना डोर बेचने वालों में दहशत फैली है। इस डोर की चपेट में आने से नेहा आंजना नामक छात्रा की मौत हो गई थी और करीब एक दर्जन लोग चपेट में आए थे। अब पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में पुलिस पतंगबाजों को दबोच रही है। ड्रोन से निगरानी हो रही है। कुछ लोग अभी भी ऐसे हैं जो अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इंदौर कलेक्टर की तर्ज पर उज्जैन में योजना चलाई जा सकती है। चाइना डोर से पतंग उड़ाने वाले का नाम और पता बताओ एक हजार रु. पाओ। यह योजना यहां कारगर साबित हो सकती है और उज्जैन चाइना डोर के आतंक से मुक्त हो सकता है।

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